जागरण संवाददाता, मऊ : पदोन्नति आदि विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति ने शुक्रवार को कार्य बहिष्कार पर रहते हुए तीन सूत्रीय मांगों से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार को सौंपा। बताया है कि मुख्यमंत्री की ओर से गत वर्ष जून माह में तीन सूत्रीय मांग पत्र पर आश्वासन दिया गया था परंतु अभी तक समाधान नहीं हो सका है। अगर समाधान नहीं होता है तो ग्राम सचिव पूर्ण सामूहिक कार्य बहिष्कार करेंगे।

ग्राम पंचायत को वित्तीय आहरण व वितरण का अधिकार प्राप्त है। लेखा एवं वित्तीय प्रबंधन के अंतर्गत प्राप्त होने वाली समस्त धनराशियों का खाता रजिस्टर, कोष बही, लेजर, चैक प्राप्ति एवं प्रेषण रजिस्टर, बाउचर फाइल आदि रखरखाव तथा बैंक से संबंधित कार्य किया जाता है। यह सभी आहरण व वितरण अधिकारी राजपत्रित घोषित है एवं ग्रेड वेतन 4600 रूपये है। आहरण व वितरण अधिकारी के अधीन प्रतिवर्ष 15 लाख रूपये से अधिक होने पर उनके अधीन अभिलेखों संबंधी कार्य की सुगमता हेतु सहायक लेखाकार तैनात किए जाते हैं। पंचायतराज अधिनियम के अन्तर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम निधि खाता है। इस ग्राम निधि खाते में केंद्र व राज्य सरकार तथा ग्राम पंचायत के स्वयं के संसाधनों से प्राप्त धनराशियां रखी जाती हैं। इन धनराशि हस्ताक्षरों से आहरण व वितरण का उत्तरदायित्व ग्राम सचिव में निहित है और ग्राम सचिव व ग्राम विकास अधिकारी ही इन धनराशियों के वित्तीय एवं लेखा प्रबंधन के प्रति उत्तरदायी है। इतना करने के बाद भी अपेक्षित ग्रेड पे नहीं लगाया जा रहा है। साथ ही पदोन्नति में भी हीला-हवाली की जा रही है। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम विकास अधिकारी संघ अध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ अध्यक्ष रामआशीष यादव, महामंत्री श्री कृष्ण, श्री कृष्ण उपस्थित थे। प्वाइंटर--

यह हैं मुख्य मांगे--

1- ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट के स्थान पर स्नातक किया जाए व अधिमानी शैक्षिक योग्यता सीसीसी प्रमाण पत्र (कम्प्यूटर) के स्थान पर Xह्नह्वश्रह्ल;ओ लेवल किया जाए।

2- ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी का वेतनमान 5200-20200 ग्रेड वेतन 2800 अर्थात सातवें वेतन आयोग की मैट्रिक के सापेक्ष लेवल-5 पर प्रारंभिक मूल वेतन 29200 प्रदान किया जाए।

3- सीधी भर्ती के सापेक्ष प्रोन्नति पद कम से कम 30 फीसदी सृजित कर समय से 10 वर्ष पर प्रथम प्रोन्नति, 16 वर्ष पर द्वितीय प्रोन्नति एवं 26 वर्ष पर तृतीय प्रोन्नति प्रदान की जाए। समय से 10, 16, 26 वर्ष पर प्रोन्नति न दे पाने की स्थिति में प्रोन्नति पद का वेतन एसीपी की अनुमन्यता में प्रदान किया जाए।

Posted By: Jagran

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