मऊ में महिला अस्पताल के वार्डों में लगेगा फायर सेफ्टी सेंसर, आग लगने पर ऑटोमैटिक होंगे चालू
मऊ के जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं और नवजातों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक अग्निशमन प्रणाली लगाई जाएगी। इसमें वार्डों ...और पढ़ें
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डॉ. नीलेश कुमार श्रीवास्तव, सीएमएस महिला अस्पताल।
HighLights
महिला अस्पताल में लगेगा अत्याधुनिक अग्निशमन सिस्टम।
प्रसूताओं और नवजातों की सुरक्षा होगी सुनिश्चित।
वार्डों में स्मोक व हीट डिटेक्टर स्थापित होंगे।
जागरण संवाददाता, मऊ। जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं एवं नवजातों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक फायर फाइटिंग (अग्निशमन) सिस्टम लगाया जाएगा। इसके तहत वार्डों में स्मोक एवं हीट डिटेक्टर (फायर सेफ्टी सेंसर) स्थापित किए जाएंगे।
अस्पताल की गलियाें व वार्डों में धुआं उठते ही अलार्म बजने के साथ ही आटोमैटिक स्प्रिंकलर (पानी के फुहारे) चालू हो जाएगा और आग पर काबू पाया जा सकेगा। इसके लिए स्टीमेट तैयार कर बजट के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 से 250 ओपीडी के लिए महिला मरीज पहुंचती हैं और लगभग 30 से 40 प्रसव कराया जाता है। इस दौरान 20 से 25 प्रसूता एवं 10-12 नवजात शिशुओं को भर्ती किया जाता है।
प्रसूता एवं नवजात शिशुओं को अगलगी से सुरक्षा के लिए अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं लेकिन अब वार्डों, आईसीयू एवं लेबर रूम में अत्याधुनिक अग्निशमन सिस्टम सेंसर लगाए जाएंगे।
वार्डों व कमरों में सेंसर से अटैच सिस्टम प्रभावित हिस्से में पानी का छिड़काव करके आग के बुझा देगा। पूरा सिस्टम एक कंट्रोल पैनल से जुड़ा रहेगा। अस्पताल के कर्मचारियों को तुरंत पता चल जाएगा कि वार्ड या फ्लोर पर खतरा है।
अस्पताल में ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित करने के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। शासन से बजट जारी होने पर लगवाया जाएगा। इससे अस्पताल में भर्ती प्रसूता, नवजात शिशु व कर्मियाें काे अगलगी की घटना में अधिक सुरक्षा मिलेगी। -डॉ. नीलेश कुमार श्रीवास्तव, सीएमएस महिला अस्पताल।
