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मऊ में महिला किसानों को मिला टिकाऊ खेती का गुरुमंत्र, वैज्ञानिकों ने दिए जैविक प्रबंधन के टिप्स

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:32 PM (IST)

मऊ के पिजड़ा गांव में राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो ने महिला किसान दिवस का आयोजन किया। इसमें महिला किसानों ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

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जागरण संवाददाता, मऊ। राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो की ओर से पिजड़ा गांव में महिला किसान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान महिला किसानों को लाभकारी सूक्ष्मजीवों, सूक्ष्मजीव आधारित जैव फार्मूलेशन, प्राकृतिक खेती और सतत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। संस्थान के निदेशक डॉ. आलोक श्रीवास्तव के निर्देशन में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नाजिया मंज़र ने संस्थान की ओर से विकसित बायो ग्रो सूक्ष्मजीव आधारित जैव फार्मूलेशन तकनीक के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि लाभकारी सूक्ष्मजीव मृदा स्वास्थ्य सुधारने, पौधों की वृद्धि और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने तथा टिकाऊ फसल उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने धान में लगने वाले जीवाणु झुलसा, शीथ ब्लाइट और ब्लास्ट रोगों के लक्षण पहचानने तथा उनके जैविक प्रबंधन पर जानकारी दी। ट्राइकोडर्मा, स्यूडोमोनास और बैसिलस जैसे लाभकारी सूक्ष्मजीवों व उपयुक्त जैव फार्मूलेशन से रोगों का एकीकृत प्रबंधन किया जा सकता है।

बीज उपचार, पौधशाला प्रबंधन, संतुलित पोषण और खेत की स्वच्छता भी जरूरी है। डा. ज्योत्सना तित्तल लगाम ने प्राकृतिक खेती और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर जानकारी दी। डा. अभिजीत मित्तल ने स्थानीय जैविक संसाधनों के उपयोग, फसल अवशेषों के पुनर्चक्रण, लाभकारी मृदा सूक्ष्मजीवों के संरक्षण और रासायनिक कृषि आदानों पर अनावश्यक निर्भरता घटाने के उपाय बताए। प्रमाणित जैविक तकनीक अपनाकर पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।