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जागरण संवाददाता, पुराघाट (मऊ) : कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के काछीकला गांव के पास हो रहा फोरलेन निर्माण आसपास की बस्तियों के निवासियों के लिए मुसीबत बन गया है। कार्यदायी कंपनियों के ठेकेदार द्वारा निर्माण में अनियमितता बरतने तथा पानी से तर करके न रखने से निर्माण स्थल से अंधड़ की शक्ल में उड़ती सीमेंट व थर्मल पावर प्लांट्स की राख लोगों को बीमार बना रही है। गांव के चौहान व राजभर बस्ती के लोग यह खतरनाक धूल फांकने को मजबूर हैं। उड़ती राख से इन दोनों बस्तियों के कई परिवार के लोग आंखों में जलन व दमा जैसी बीमारियों के शिकार हो चुके हैं। अन्य लोगों में भी ये बीमारियां तेजी से फैलती जा रही हैं। गांव के लोगों ने कई बार लोगों ने ठेकेदार से शिकायत की लेकिन अब तक कोई फर्क नहीं पड़ा। मानक का पालन न होने पर ग्रामीणों ने निर्माण रोक देने का मन बनाया है।

लोगों का कहना है कि उस राख पर पानी का छिड़काव होता तो इतनी दिक्कतें नहीं आतीं। उड़ती सीमेंट एवं मोटी भारी राख जब गाड़ियों के आवागमन के समय उड़ती है तो आसपास पूरा वातावरण अंधकार मय हो जाता है। पूरे घर में राख की मोटी पर्त बार-बार साफ करने के बावजूद जम जाती है। सैकड़ों परिवार उड़ती जहरीली राख से परेशान हैं। सहरोज स्थित एनएचआई के कैंप कार्यालय में ग्रामीणों ने लिखित शिकायत की थी, अधिकारियों से आश्वासन भी मिला लेकिन वह केवल मौखिक ही रहा। आज तक किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। गांव के रामू राजभर, रामबदन राजभर, नंदू चौहान, जयप्रकाश, रामनाथ चौहान, बासदेव साहनी, पवारू साहनी, रामनगीना, रामसोच, राजेंद्र सहित सभी ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो हम सभी कार्य में अवरोध उतपन्न कर प्रदर्शन को बाध्य हो जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी एनएचएआइ की होगी।

Posted By: Jagran

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