जागरण संवाददाता, मऊ : वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार एवं हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग उत्तर प्रदेश के निर्देशन में शहर के आजमगढ़ मोड़ स्थित पशु अस्पताल प्रांगण में बेहतरीन क्वालिटी के वस्त्रों की दूर-दूर से आए कलाकारों ने प्रदर्शनी तो लगा दी, लेकिन ग्राहकों का पता नहीं चला। विभागीय अधिकारियों की उपेक्षा के चलते कलाकार अपने भोजन के इंतजाम भर की बिक्री भी नहीं कर पा रहे हैं।

बिजनौर के परदे, बाराबंकी का स्टोल, रामपुर की शाल, काश्मीर के सूट, मेरठ की खादी, कानपुर की चादरें, मुबारकपुर की साड़ियां और लखनऊ का सूट लेकर कलाकार ग्राहकों का इंतजार ही करते रह गए। मुंशीपुरा पशु अस्पताल प्रांगण में कुल 29 दुकानें थीं, जिनमें दो दुकानदार विभागीय उपेक्षा के चलते भाग खड़े हुए हैं। सीतापुर से आए मैनुद्दीन ने बताया कि स्पेशल हैंडलूम प्रदर्शनी में इक्का-दुक्का ग्राहक ही आ रहे हैं। विभागीय अधिकारी इसका ठीक से प्रचार-प्रसार ही नहीं किए। मेरठ से आए असलम अंसारी, मुरादाबाद से अजीम, मुरादाबाद से सेराज आदि ने बताया कि पिछले चार फरवरी से वे प्रदर्शनी लगाकर बैठे हैं लेकिन किसी दिन 1000 रुपये से अधिक बिक्री नहीं हो पा रही है। जबकि प्रदर्शनी में विश्व स्तरीय कपड़े, साड़ियां, साल, परदे आदि रखे गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने प्रदर्शनी लगाकर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर लिया। हालांकि बाजार में कलाकारों ने कला के कई ऐसे बेजोड़ नमूने सजा रखें हैं जो माल कल्चर में दूर-दूर तक नजर नहीं आते।

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