यूपी की सियासत में जमीन तलाशने में जुटी चिराग पासवान की पार्टी, सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए पासी-पासवान शौर्य सम्मान यात्रा निकाल रही है।

बिहार के बाद यूपी में सियासी जमीन तलाश रही चिराग पासवान की पार्टी। फाइल फोटो
HighLights
लोजपा (रामविलास) यूपी में राजनीतिक आधार मजबूत कर रही।
पासी-पासवान शौर्य सम्मान यात्रा मऊ पहुंची, संगठन विस्तार।
पार्टी सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
जागरण संवाददाता, मऊ। बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने पूर्वांचल में संगठन विस्तार की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासी के नेतृत्व में निकाली जा रही पासी-पासवान शौर्य सम्मान यात्रा सोमवार को मऊ पहुंची।
यात्रा के स्वागत में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे। पार्टी ने प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी करने और 108 सीटों पर प्रभारियों की घोषणा का दावा किया है।
पार्टी इस यात्रा के जरिए पासी-पासवान समाज को उसके ऐतिहासिक गौरव से जोड़ने, सामाजिक एकजुटता बढ़ाने और राजनीतिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है। मऊ, बलिया और आजमगढ़ समेत पूर्वांचल के कई जिलों में संगठन विस्तार की रणनीति को पार्टी की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
आरक्षण पर बयान को लेकर दी सफाई
यात्रा के दौरान आरक्षण को लेकर अपने पूर्व के बयान पर उठे विवाद के संबंध में राजीव पासी ने सफाई दी। यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर आरक्षण के साथ छेड़छाड़ होने पर तलवार लेकर मैदान में उतरने संबंधी उनके कथित बयान के बाद पार्टी में नाराजगी और कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे की चर्चा सामने आई थी।
मीडिया से बातचीत में राजीव पासी ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बात का आशय वैसा नहीं था, जैसा प्रचारित किया गया। इस विवाद के बीच पार्टी के सामने कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने और संगठन में एकजुटता बनाए रखने की चुनौती भी है।
सपा, बसपा और कांग्रेस पर साधा निशाना
राजीव पासी ने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने दलितों और पिछड़ों को छलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि लोजपा (रामविलास) सभी धर्मों, जातियों और समुदायों का सम्मान करती है। पार्टी सामाजिक न्याय, आरक्षण और समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर चलने की बात कर रही है।
रामविलास पासवान के संदेश को लेकर निकली यात्रा
राजीव पासी ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और वंचित तबकों तक विकास का लाभ पहुंचाने के संदेश को आगे बढ़ाना है। पार्टी के मुताबिक, यात्रा 14 अक्टूबर को प्रयागराज से शुरू हुई थी। यह प्रदेश के लगभग 75 जिलों से होकर गुजरेगी और दूसरे चरण में मऊ पहुंची है।
यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में पासी-पासवान समाज के ऐतिहासिक किलों और धरोहरों के संरक्षण, इतिहास एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता और युवा पीढ़ी को वीर शासकों तथा स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित कराना शामिल है। अभियान में महाराजा बिजली पासी, महाराजा लाखन पासी और महाराजा सुहेलदेव पासी की विरासत का उल्लेख किया जा रहा है।
इसके अलावा शिक्षा को बढ़ावा देने, युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने और नशामुक्ति का संदेश देने पर भी जोर दिया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि सामाजिक एकता और संगठन की मजबूती के माध्यम से समाज के अधिकारों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
सामाजिक अभियान के साथ संगठन विस्तार पर जोर
यात्रा के माध्यम से पार्टी पासी-पासवान समाज के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के साथ ही उत्तर प्रदेश में व्यापक सामाजिक आधार तैयार करने की कोशिश कर रही है। प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी और 108 सीटों पर प्रभारियों की घोषणा का दावा पार्टी की महत्वाकांक्षी रणनीति को दर्शाता है। हालांकि, इस अभियान का वास्तविक राजनीतिक प्रभाव स्थानीय इकाइयों की सक्रियता, जनसमर्थन और संगठनात्मक तैयारियों पर निर्भर करेगा।
मऊ में यात्रा के स्वागत के दौरान प्रदेश प्रधान महासचिव विकास पांडेय, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अश्विनी श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष प्रशांत त्रिपाठी समेत पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी नेता चिराग पासवान समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता के साथ सभी वर्गों के अधिकारों की लड़ाई आगे बढ़ाने की बात कही।
यह भी पढ़ें- 'अखिलेश बताएं घुसपैठियों से इतना प्रेम क्यों?' सीएम योगी का तंज- विरासत में गद्दी मिल सकती है... बुद्धि नहीं
