जागरण संवाददाता, मऊ : पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद से अब मैदानी क्षेत्रों में इसका असर देखने को मिल रहा है। गलन बढ़ने के साथ हवाओं का रूख भी तेजी से बदल गया। शनिवार को सुबह के समय कोहरा था तो सुबह नौ बजे के करीब हल्की धूप भी निकली। फिर आसमान में बादलों की दस्तक हुई और उसने भगवान सूर्य को अपनी आगोश में ले लिया। दोपहर के समय हल्की बूंदाबादी भी हुई। कुल मिलाकर कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

शनिवार को जनपद का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह धूप निकलने से जहां कुछ देर के लिए ही सही लोगों ने राहत की सांस ली वहीं मात्र आधे घंटे के बाद ही हल्की पुरवइयां और उत्तर दिशा से चलने वाली हवाओं के साथ बादलों ने भी दस्तक दी। वहीं सुबह से आसमान में बादलों की आहट के बाद दोपहर को रूक रूक कर बूंदाबादी हुई। इससे एक बार फिर से ठंड के और अधिक बढ़ने की संभावना बलवती हो गई है। देर शाम को भी आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने भी पूर्वांचल सहित प्रदेश के अनेक जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जाहिर की है, जिसका असर जिले में देखने को मिलेगा। एक तरफ किसानों को दलहन की फसल के नुकसान का भय सता रहा है। वहीं जिन किसानों की आलू की फसल तैयार है, उसको लेकर भी किसान चितित हैं। हालांकि गेहूं की फसल के लिए बारिश संजीवनी साबित हो सकती है।

फसल के नुकसान को लेकर बीडीओ से शिकायत

जागरण संवाददाता, पूराघाट (मऊ) : कोपागंज विकास खंड के ग्रामसभा सोड़सर के प्रधान रीना चौहान सहित ग्रामवासियों ने बीडीओ को प्रार्थना पत्र देकर बेसहारा पशुओं से निजात दिलाए जाने की मांग की है। बीडीओ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में पकड़कर भेज दिया जाता तो हम किसानों की फसल बच जाती। पशु एक तो फसलों को चर रहे हैं। ऊपर से रौंदकर नष्ट भी कर रहे हैं। इससे उनका नुकसान हो रहा है। प्रार्थना पत्र देने वालों में किसन वीरेंद्र, रामदरश, रामनरेश, रामप्रताप, रवि प्रकाश, दिनेश, नीरज, प्रदीप आदि शामिल थे।

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