जागरण संवाददाता, मऊ : कुर्थीजाफरपुर और आसपास के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके इसलिए तत्कालीन विधायक और वर्तमान में बिहार राज्य के राज्यपाल फागू चौहान ने 27 मार्च 2011 के प्रयास से यहां पीएचसी का निर्माण कराया गया। अस्पताल परिसर से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवास भी बनाए गए हैं। पीएचसी पर कुल 10 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती भी गई है लेकिन पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से पीएचसी सिर्फ फार्मासिस्ट और एएनएम के भरोसे ही चल रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि अभी तक यहां किसी ने पीएचसी प्रभारी डा. सलमान को देखा तक नहीं है। वहीं एएनएम माया देवी बाजार में अपना निजी अस्पताल चलाती हैं। सभी सुविधा होते हुए भी पीएचसी बदहाल पड़ी है। आवास परिसर में झाड़ियां उग आई हैं।

शनिवार को भी सुबह दस बजे तक पीएचसी पर फार्मासिस्ट रामभवन मौर्या और एएनएम रेखा चौहान ही मौजूद थीं। जबकि प्रभारी डा. सलमान, एएनएम रंजू देवी, माया देवी और वार्ड ब्वाय अनुपम कुमार राय गायब थे। वहीं लैब असिसटेंट सुखराम, डा. राजेंद्र नाथ, विजयी यादव, सीएचओ रेखा यादव को कोविड टीकाकरण के लिए सीएचसी कोपागंज से अटैच किया गया है। पीएचसी प्रभारी के पिछले कई माह से अस्पताल नहीं आने की शिकायत मिली है। इस बाबत सीएमओ को पत्र लिखकर अवगत करा दिया गया है।

- डा. अनिल कु मार, सीएचसी प्रभारी।

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सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक सहित स्वास्थ्यकर्मियों का रहना अनिवार्य है। किसी भी हाल में मरीज के जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

- डा. एसएन दूबे, सीएमओ।

Edited By: Jagran