विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मऊ में हत्‍या के केस से बचने के ल‍िए बकरे का दाह संस्कार कर खुद को घोष‍ित कर द‍िया मरा हुआ

By Jaiprakash Nishad Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 26 Oct 2026 11:37 AM (IST)

मऊ पुलिस ने हत्या के मामले में सजा से बचने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले राजू उर्फ ...और पढ़ें

मऊ में हत्या से बचने के लिए बकरे को जलाकर खुद को मृत घोषित करने वाला गिरफ्तार।

मऊ में हत्या से बचने के लिए बकरे को जलाकर खुद को मृत घोषित करने वाला गिरफ्तार।

HighLights

  1. हत्या से बचने को बनवाया फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र।

  2. मृत बकरे का दाह संस्कार कर खुद को मृत बताया।

  3. साजिश में दो होम्योपैथिक डॉक्टर भी शामिल।

जागरण संवाददाता, मऊ। शहर कोतवाली पुलिस ने रविवार को हत्या के केस में सजा से बचने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले राजू उर्फ राजकुमार राजभर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान साजिश में शामिल दो होम्योपैथिक डाक्टरों का भी नाम सामने आने के बाद पुलिस तलाश में जुट गई है।

शहर कोतवाली सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि शहर कोतवाली के ख्वाजाजहांपुर निवासी राजू उर्फ राजकुमार राजभर मुंबई में रहकर मजदूरी के साथ ट्रेडिंग करता था। वहां से वापस आने के बाद वह काफी लोगों के रुपये ट्रेडिंग में लगाया था।

इसी बीच वर्ष-2016 में दोहरीघाट थाना के नगरीपार गांव निवासी योगेश सिंह की रुपयों के विवाद में आरोपित और उसके साथी ने मुंशीपुरा पुल के नीचे गोली मारकर हत्या कर दी। जमानत पर छूटने के बाद वह दो होम्योपैथिक डाक्टरों को ट्रेडिंग में रुपये लगवाकर मुनाफा दे रहा था।

कुछ दिन बाद आरोपित ने दोनों को हत्या में नामजद और कोर्ट में सुनवाई पूरी होने पर सजा की आशंका जताई। इस पर दोनों ने मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर कोर्ट में दाखिल कर सजा से बच निकलने का उपाय बताया। आरोपित के जेल जाने पर ट्रेडिंग में रुपये फंसने की आशंका में दोनों डाक्टर भी साजिश में शामिल हो गए।

दोनों ने आरोपितों को बेहोश कर अस्पताल में भर्ती कराने के बाद मृत घोषित करवाया। एएसपी ने बताया कि टिकठी सजाने के बाद उसपर मृत बकरे को रखकर 30 मई 2025 को गाजीपुर श्मशान घाट पहुंचे। दाह संस्कार कर श्मशान घाट से जारी प्रमाण पत्र के आधार पर आरोपिताें ने नगर पालिका से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर कोर्ट में दाखिल कर दिया।

इसके बाद आरोपित भेष बदलकर रहने लगा और दोनों डाक्टर से जुड़कर उनके रुपयों को ट्रेडिंग में लगता रहा। मामले की जानकारी होने के बाद कोतवाली पुलिस ने उपनिरीक्षक अनिल द्विवेदी की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।