जागरण संवाददाता, मऊ : जनपद में पौधारोपण अभियान के बाद अब वन विभाग की तरफ से हरियाली बचाने की कवायद शुरू कर दी गई है। कुल 4000 पौध स्थलों की जीओ टैगिग की जा चुकी है। इसके अलावा वन विभाग की टीम लगाए गए पौधों की निगरानी कर रही है। इसके बाद नवंबर माह में फारेस्ट सर्वे आफ इंडिया की टीम जनपद में आएगी। इसके बाद वह जनपद में घूमकर किसी एक चिह्नित स्थान क ा निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट विभाग को भेजेगी। जनपद में वन विभाग की तरफ से कुल 23.61 लाख पौधारोपण का लक्ष्य शासन की तरफ से निर्धारित किया गया था। इसमें 10.90 लाख वन विभाग तथा अन्य विभागों द्वारा 12.70 पौधों का रोपण करना था। जुलाई माह में युद्धस्तर पर अभियान चलाकर पौधों का रोपण किया गया। पूरे प्रशासनिक महकमे ने जगह-जगह पौधारोपण कर इसके संरक्षण का संकल्प लिया। यही नहीं वन विभाग की तरफ से सभी पौधे निश्शुल्क भी दिए गए। इसमें विभिन्न संस्थानों ने भी दिलचस्पी दिखाई और पौधारोपण किया। पौधारोपण करने के बाद वन विभाग की तरफ से लगभग चार हजार स्थानों पर लगाए गए पौधों की जीओ टैगिग कराई जा चुकी है। यानी इतने स्थानों पर पौधे जीवित अवस्था में है। अभी विभाग की तरफ से अन्य स्थानों पर लगाए गए पौधों की निगरानी की जा रही है। विभाग की मानें तो बारिश के मौसम तक पूरी तरह से पौधों को बचाना है। इसके लिए वन विभाग की टीम सर्वे कर नष्ट हुए पौधों को रिप्लेस कर रही है। यह कार्य अक्टूबर तक चलेगा। यानी किसी भी तरह से मृत हो चुके पौधों की जगह दूसरा पौधा लगाया जाएगा।

पौधे लगा देना ही काफी नहीं है बल्कि इसकी देखरेख भी जरूरी है। खासकर विभाग का सहयोग आम जन को भी देना होगा। आए दिन सड़कों पर लोग पशु छोड़ देते हैं जो पौधों को नष्ट कर देते हैं। ऐसे में बिना जनता के सहयोग के हरियाली की कल्पना बेमानी है। फिलहाल वन विभाग पौधों को सुरक्षित करने में जुटा हुआ है।

-संजय विस्वाल, डीएफओ।

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