जागरण संवाददाता, मऊ : शहर में यातायात के नियमों को तोड़ना जैसे लोगों की आदत सी बन गई है। कोई बिना हेलमेट के पकड़ा जाता है, तो कोई बिना सीट बेल्ट के चलते। लोग नियमों को तोड़ना अपनी शान समझते हैं। इतना ही नहीं कई लोग नियमों को तोड़कर भागते समय जख्मी हो जाते हैं और कई अपनी जान भी गंवा लेते हैं। जबकि हाईवे हो या शहर की सड़क जान बचानी है तो नियमों का पालन हर किसी को करना ही होगा। यह बातें यातयात विशेषज्ञ एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अवधेश कुमार ने कहीं।

एआरटीओ अवधेश कुमार ने कहा कि ड्राइविग भला किसे पसंद नहीं होती है। हर कोई चाहता है कि वो बिना रोक टोक सड़क पर गाड़ी चलाए, लेकिन कभी-कभी सड़क पर हमारे साथ कुछ ऐसी घटनाएं हो जाती हैं जो अप्रत्याशित होती हैं। आप अपनी धुन में ड्राइव कर रहे होते हैं और उसी वक्त आपके वाहन के सामने अचानक से ट्रैफिक पुलिस आ जाती है और आपकी गाड़ी को रोकने का इशारा करती है। नियमों के साथ न होने पर आप भागने का प्रयास करते हैं और कई बार दुर्घटनाग्रस्त होकर या तो दिव्यांग बन जाते हैं या सदा के लिए इस दुनिया से विदा हो जाते हैं। सड़क पर चलने के भी नियम हैं, वाहन चलाने के भी नियम हैं। सड़क पर पैदल या फिर वाहन से चलने वाले लोगों को दुर्घटनाएं रोकनी हैं और अपने साथ-साथ दूसरों की भी जान बचानी है तो नियमों का पालन तो करना ही पड़ेगा। नियमों से खिलवाड़ करना कभी भी भारी पड़ सकता है। कभी अपने लिए तो कभी दूसरों के लिए। ------

इन नियमों के पालन से बचेगी जान

एक हाथ से स्टेयरिग पकड़कर न चलाएं वाहन : अक्सर लोगों को अलग-अलग पोजीशन में गाड़ी चलाते देखा जाता है। कोई स्टियरिग एक हाथ से पकड़कर चलाता है तो कोई दोनों हाथों से इसको थामे रहता है। बाइक हो या फोर व्हीलर किसी भी दशा में उसे सही पोजीशन में बैठकर और पकड़कर ही चलाएं। इस नियम का उल्लंघन कभी भी खतरनाक हो सकता है। मोड़ पर ओवरटेक करें : हमारे आस-पास ऐसी अनेक सड़कें हैं, जिनमें डिवाइडर्स नहीं हैं। ऐसे में मोड़ पर किसी वाहन को ओवरटेक करने से बचें। कोशिश करें कि जब मोड़ खत्म हो जाए, तभी ओवरटेक करें। नाइट ड्राइविग में लो बीम : अगर आप रात के वक्त हाई बीम पर गाड़ी चलाते हैं, तो सामने वाले को आपकी दूरी का अंदाजा लगाने में मुश्किल हो सकती है। अगर डिवाइडर नहीं है, तो संभव है कि सामने वाला आपकी व अपनी कार के बीच की दूरी का गलत अंदाजा लगा ले। इससे हादसा हो सकता है। इसलिए लो-बीम लाइट पर वाहन चलाएं। सुरक्षा संकेतों का करें अनुपालन : सुरक्षा के तीन तरह के संकेत हैं। अनिवार्य संकेत वह हैं जो सड़क उपयोगकर्ताओं को कानूनों के नियमों और प्रतिबंधों के बारे में जानकारी देते हैं। कानून के अनुसार, इन नियमों और प्रतिबंधों का उल्लंघन करना अपराध है। दूसरे चेतावनी संकेत होते हैं, ताकि चालक समझ सके। जैसे आगे मोड़ है, स्कूल है आदि के संकेत। तीसरे सूचनात्मक संकेत होते हैं। इन संकेतों से यात्रियों को स्थानों, वैकल्पिक मार्गों, भोजनलयों, सार्वजनिक शौचालयों, अस्पतालों आदि जैसे प्रमुख स्थानों के बारे में जानकारी दी जाती है। बिना लाइसेंस न चलाएं वाहन : ड्राइविग लाइसेंस बनाने की कोई योग्यता नहीं होती। वाहन चलाने में दक्ष या प्रशिक्षित कोई भी व्यक्ति लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है। लाइसेंस जारी करते वक्त उस व्यक्ति संबंधित वाहन को चलाने की दक्षता व सड़क के संकेतों को समझने की काबिलियत की परीक्षा ली जाती है। बाइक के लिए टू व्हीलर लाइसेंस, कार आदि के लिए लाइट मोटर वाहन लाइसेंस तथा ट्रक, बस, क्रेन आदि चलाने के लिए हैवी वाहन लाइसेंस सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय से दिया जाता है। बिना उचित प्रशिक्षण व लाइसेंस के वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। नशे की हालत में न चलाएं गाड़ी : किसी भी तरह के नशे में वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। ट्रैफिक पुलिस के पकड़ने पर 2000 रुपये जुर्माना अथवा छह माह की सजा या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। रेड लाइट का रखें ध्यान : रेड लाइट हो तो उसे जंप न करें। रेड लाइट जंप करने पर जुर्माना और निगेटिव स्कोरिग की जाती है। ज्यादा निगेटिव स्कोर होने पर लाइसेंस भी रद किया जा सकता है।

Posted By: Jagran

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