जागरण संवाददाता, मऊ : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नं. एक रामराज द्वितीय ने हत्या के एक मामले में पांच आरोपितों को विचारण के उपरांत दोष सिद्ध पाया। घटना घोसी कोतवाली क्षेत्र के अमिला कोट की है। वहां जमीन विवाद में अजेंद्र उर्फ दंगल राय की 13 वर्ष पूर्व गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। न्यायाधीश ने सभी आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया और सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए 25 फरवरी मंगलवार का दिन मुकर्रर किया है।

वादिनी मुकदमा कुसुम राय ने 11 अप्रैल 2007 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार उनके पति दंगल राय का गांव के दुर्गेश राय, नितिन राय, शिवम उर्फ बबलू राय, तुषारकांत राय निवासीगण अमिलाकोट थाना घोसी व इसी थाना क्षेत्र के सेमरी जमालपुर निवासी विश्राम राय से जमीन विवाद अदालत में चल रहा है। मुकदमा की तारीख देखकर दंगल राय 10 अप्रैल की शाम को 5.00 बजे घर आए थे। तभी आरोपित घर आए तथा मुकदमे में सुलह के लिए बाइक से ले गए। गांव से थोड़ी दूर पांडेयपार विद्युत सब स्टेशन के पास बाइक से उतार कर आरोपितों ने गोली मार कर उनकी हत्या कर दी। इस मामले में कुल सात गवाहों को अभियोजन की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश पांडेय ने न्यायालय में प्रस्तुत कराकर अभियोजन कथानक को संदेह से परे साबित कराया। न्यायाधीश ने साक्ष्य की गहन समीक्षा के उपरांत उक्त निर्णय सुनाया।

Posted By: Jagran

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