जागरण संवाददाता, मऊ : सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा जमाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई शुरू होने के बाद भूमि माफियाओं के खिलाफ हड़कंप मचा हुआ है। शिक्षा विभाग की जमीन पर कब्जा करने वाले 11 तथा शहर में ही स्थित ठाकुरजी मंदिर की जमीन पर कब्जा करने वाले 60 लोगों के खिलाफ एक मुश्त एफआइआर दर्ज होने के बाद प्रापर्टी डीलरों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी हैं। वहीं, अवैध तरीके से कब्जा कर शहर की ताल-पोखरियों पर घर बनाने वाले लोगों की भी नींद उड़ी हुई है। आलम यह है कि जिस जमीन के भी आस-पास सरकारी जमीन है, वहां लोग जमीन की खरीदारी करने से कतराने लगे हैं।

वर्षों से भूमि माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई न होने से शहर की एक-एक सार्वजनिक भूमि पर दबंग अपना कब्जा जमाते जा रहे थे। हाल ही में जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने जब शिक्षा विभाग की जमीन को लेकर शिकायत मिलने के बाद जांच कराया तो पैमाइश में शिक्षा विभाग की तकरीबन दशमलव 104 हेक्टेयर जमीन पर दबंगों ने अपना कब्जा जमा लिया था। मामले में 11 अवैध निर्माण चिन्हित कर उनको बनाने वालों के खिलाफ शहर कोतवाली में एंटी भूमि माफिया एक्ट में एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई चल रही है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं सदर उपजिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि ठाकुरजी की जमीन पर भी पैमाइश के बाद जब अवैध कब्जे की शिकायत सामने आई तो मामले में 60 लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराकर कार्रवाई की गई है। कहा कि हाल ही में सार्वजनिक जमीन पर छिटपुट कब्जा का मामला सामने आने पर दर्जनों लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराकर कार्रवाई चल रही है। लगातार कार्रवाई शुरू होने के बाद सार्वजनिक जमीनों को कब्जा कर घर बनाने वालों की धुकधुकी बढ़ गई है।

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सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा जमाने वालों को किसी भी दशा में नहीं बख्शा जाएगा। जहां से भी शिकायतें सामने आ रही हैं, कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही कुछ और बड़ी कार्रवाई सामने आएगी।

-ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, जिलाधिकारी, मऊ।

Posted By: Jagran

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