जागरण संवाददाता, घोसी (मऊ) : गेहूं क्रय केंद्रों पर नियमों की जटिलता और आए दिन खरीद बंद होने से परेशान किसानों को एक व्यवसायी सुनियोजित साजिश के तहत झांसा देकर फरार हो गया। क्षेत्र के विभिन्न गांवों के दर्जनों किसान अब गेहूं की कीमत के लिए व्यवसायी को तलाश रहे हैं। भटकते किसानों ने पुलिस से गुहार लगाई लेकिन परिणाम शून्य रहा है।

दरअसल इस वर्ष गेहूं क्रय केंद्रों पर कभी बोरे नहीं तो कभी स्थानाभाव तो कभी बरसात और किसानों की लंबी कतार के चलते तमाम किसान गेहूं न बेंच सके। माउरबोझ के एक गल्ला व्यवसायी ने अपने सहयोगी के साथ ऐसे किसानों से संपर्क किया। उसने प्रचलित बाजार भाव से अधिक कीमत पर गेहूं खरीदने और दो माह बाद भुगतान करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन पर यकीन कर माउरबोझ के हरिगोविद सिंह, महेंद्रनाथ तिवारी, रामनरायन सिंह, मूंगमांस के रमाकांत यादव, अखिलेश राय, राजेंद्र राय, अमन राय, संगम राय, दिलीप राय, चंद्रभान शर्मा, पकड़ी खुर्द के वीरेंद्र राय, मुस्तफाबाद के प्रेमसागर तिवारी आदि ने अपना गेहूं उसे बेच दिया। व्यवसायी ने सारा गेहूं बाजार में बेचा पर किसानों को गेहूं मूल्य का भुगतान करने के बजाय फरार हो गया। उसका मोबाइल भी बंद है हालांकि उसके परिवार के सदस्य एवं सहयोगी घर पर हैं। ठगी के शिकार किसान पुलिस से गुहार लगा चुके हैं पर कोई सार्थक परिणाम न निकला।

उधर, इस वर्ष गेहूं की खरीद प्रारंभ होते ही किसानों ने आनलाइन टोकन नंबर प्राप्त तो किया पर इसका अनुपालन न हो सका। कभी बोरा नहीं तो कभी परिवहन न होने से केंद्र पर स्थान नहीं। प्रतिदिन मात्र 300 कुंतल खरीद की सीमा अलग से रही। इसके चलते तमाम किसान केंद्र से गेहूं भरी ट्राली लेकर वापस हुए। व्यवसायियों ने ऐसे किसानों पर निशाना साधा।

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