जासं, मऊ : राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत नवंबर से दिसंबर माह में चलाए जाने वाले फाइलेरिया अभियान (एमडीए) की तैयारियां भी पूरी की जा रही हैं। इस अभियान के तहत फाइलेरिया यानि हाथी पांव से ग्रसित व्यक्तियों की पहचान की जाएगी। 22 नवंबर से 07 दिसंबर के बीच इन चिन्हित लोगों के अलावा जनसमुदाय में फाइलेरिया और अधिक न फैले इसके लिए सभी को दवा का सेवन कराया जाएगा।

फाइलेरिया के विषाणु स्वस्थ व्यक्ति के अंदर भी होते हैं इसीलिए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम के तहत लोगों को दवा खिलाकर इस बीमारी से सुरक्षित किया जाता है। यह दवा गठित की गई टीम के द्वारा ही सभी के सामने खिलाई जाती है। अभियान में दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली, साथ ही एल्बेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। छह वर्ष से 14 वर्ष तक की किशोर आयु के लड़के, लड़कियों को डीईसी की दो गोली, साथ ही एल्बेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। इसके अलावा 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को डीईसी की तीन गोली, साथ ही एल्बेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी। दवा का उपयोग खाली पेट नहीं किया जाना है। टीमें आयोजन की तिथि को घर-घर भ्रमण कर लक्षित जनसंख्या को अपने सामने मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) योजना के तहत फाइलेरिया रोगियों की पहचान भी करेंगी। उन्हें स्वास्थ्य कार्यकर्ता दवा का सेवन कराएंगी। फाइलेरिया के खात्मे के लिए जनपद में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। विभाग की तरफ से इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर लिया गया है।

- डा. एसएन दूबे, मुख्य चिकित्साधिकारी

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