जागरण संवाददाता, मऊ : जेलों से संचालित हो रहे आपराधिक तंत्र पर लगाम लगाने को लेकर प्रदेश में लगातार जिला कारागारों पर प्रशासनिक छापेमारी चल रही है। सोमवार की दोपहर जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी व पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने जिला कारागार में छापेमारी की। इस दौरान एक-एक बैरक की तलाशी ली गई। इसमें मोबाइल, चार्जर, सिम सहित भारी मात्रा में खाने-पीने के प्रतिबंधित सामान बरामद किए गए। इसे अधिकारी द्वय ने घोर लापरवाही माना। कहा कि पूरी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। वहीं बगल की पिजड़ा चौकी पुलिस को निर्देशित किया गया कि वे जेल प्रशासन की हरकतों पर नजर रखें।

दोपहर में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने भारी पुलिस बल के साथ बंदियों के बैरिकों, मेस, अस्पताल व बंदियों की तलाशी ली। तीन-चार घंटों की सघन तलाशी से जिला कारागार में हड़कंप मचा रहा। डीएम व एसपी ने एक-एक बैरकों की तलाशी शुरू की तो इसमें तीन मोबाइल बरामद हुए। इसके बाद कुछ जगहों पर गड्ढा खोदे जाने का चिन्ह मिला तो डीएम-एसपी ने वहां की जमीन को खोदवा दिया। इसमें जमीन के नीचे बर्तनों में मोबाइल चार्जर पाए गए। साथ ही भारी मात्रा में आलू, प्याज, रोटी रखने का गर्म बर्तन, सरसों का तेल, रिफाइंड तेल आदि खाद्य सामग्री भी बरामद हुई। इसको लेकर अधिकारी द्वय ने जेलर व कारागार अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर यह प्रतिबंधित सामान जेल के अंदर कैसे आया। इस पर जेल अधिकारी बगलें झांकने लगे। जिलाधिकारी ने कहा कि इस सघन तलाशी के एक-एक बिदु की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। जेल की कारस्तानी कतई बर्दाश्त नहीं होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके पूर्व औचक निरीक्षण में भी प्रतिबंधित सामान मिले थे परंतु इसके बाद भी जेल प्रशासन सुधार नहीं कर रहा है।

Posted By: Jagran

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