जागरण संवाददाता, मऊ : गजब, पुलिसिग का नजारा दिखा शुक्रवार को। एक पीड़ित की बात सुन डीएम-एएसपी थानाध्यक्ष सरायलखंसी को कार्रवाई के लिए फोन करते रहे, मगर फोन था कि उठने का नाम ही नहीं ले रहा। अंत में कंट्रोल रूम को फोन कर एएसपी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कार्रवाई कर सूचित करने को कहा।

थाना सरायलखंसी के रणवीरपुर में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में थाने में एफआइआर दर्ज नहीं हुआ तो एक पीड़ित रामाधार जिला पंचायत के डाक बंगले में स्वास्थ्य मंत्री से मिलने जा पहुंचा। मंत्रीजी ऊपर बैठक ले रहे थे, पीड़ित बाहर बैठकर उनका इंतजार कर रहा था। तभी जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी पहुंचे तो देखा कि उसके कपड़े पर खून लगा है, सिर पर पट्टी बंधी है तो जिलाधिकारी ने तुरंत पूछा क्या हुआ। पीड़ित ने आपबीती सुनाई। इस पर जिलाधिकारी व उनके पीआरओ ने थानाध्यक्ष के फोन पर घंटी बजाई और उनका फोन नहीं उठा। फिर जिलाधिकारी ने पास में खड़े एएसपी शैलेंद्र कुमार श्रीवास्त को बुलाकर इसे देखने को कहा। वे भी थानाध्यक्ष का फोन मिलाते रहे। फोन न उठने पर कंट्रोल रूम को मिलाए फिर भी बात नहीं हुई तो अपनी गाड़ी में पहुंचे और सेट पर बोले पीड़ित का एफआइआर दर्ज करने के साथ ही कार्रवाई कर मुझे अवगत कराओ। इस दौरान वहां मौजूद दर्जनों अधिकारी, कर्मचारी व भाजपा कार्यकर्ता बोले जब से दारोगा डीएम एएसपी का फोन नहीं उठाया तो हमारा कैसे उठाएगा।

Posted By: Jagran

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