जागरण संवाददाता, मऊ : लोगों में संस्कार विकसित करने के लिए भारत विकास परिषद प्रतिबद्ध है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर से कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। हम अपने इन कार्यक्रमों को लेकर लोगों के बीच जाते हैं, बच्चों, विद्यालयों, युवाओं, बुजुर्गों व महिलाओं के लिए अपने अलग-अलग कार्यक्रम के माध्यम से संस्कार विकसित करने का प्रयास करते हैं। इस क्रम में हर महीने आयोजित होने वाले नि:शुल्क चिकित्सा शिविर के दौरान गोदभराई कार्यक्रम जो आज हमारे बीच से गायब हो गया है। इसे पुन: स्थापित करने के लिए जनपदीय शाखा द्वारा एक सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। यह हमारी संस्कृति का एक हिस्सा था पर हम पश्चिमी सभ्यताओं में इतना ढलते गए की अपनी परंपराओं को भूलते गए और हमारे समाज में बिखराव व आपस में दूरियां आती गईं।

उक्त विचार परिषद के काशी प्रांत की महिला संयोजिका जमुना शुक्ला के हैं वे सोमवार को नगर के श्याम संजीवनी अस्पताल में परिषद द्वारा आयोजित निशुल्क चिकित्सा शिविर में महिलाओं से रूबरू थी। इस दौरान दर्जनों महिलाओं की निशुल्क जांच की गई उन्हें उचित परामर्श दिया गया।

श्रीमती शुक्ला ने आधा दर्जन गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की तथा सुकन्या समृद्धि योजना के तहत परिषद ने जनपद का पहला खाता खोलकर अभी जन्मी बेटियों की माताओं को प्रदान किया। इसकी पहली किस्त भी परिषद द्वारा दी गई तथा उनके परिजनों से आग्रह किया गया कि आगे की किस्त में स्वयं जमा करेंगे। परिषद की अध्यक्ष डॉक्टर अलका राय ने बताया कि बताया कि यह कार्यक्रम जनपद में परिषद के गठन के साथ ही शुरू किया गया जो हर माह निरंतर चला आ रहा है। इससे सैकड़ों महिलाएं लाभान्वित हो चुकी है। इस दौरान विद्या अग्रवाल, विनीता दीक्षित पांडेय, मधुर राय, डाक्टर रुचि राय, सचिव प्रकाश जैन, कोषाध्यक्ष रवीश तिवारी, मनीष राय, दीपक जैन, पुष्पा जायसवाल, रश्मि बरनवाल, सुमन पांडे आदि मौजूद रहे।

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