जागरण संवाददाता, मऊ : शुक्रवार को दोपहर बाद सूर्यदेव का दर्शन तो जरूर हुआ लेकिन शनिवार को दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे। सुबह के समय ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की बूंदाबादी हुई लेकिन उसके बाद बादल उमड़ते-घुमड़ते रहे। रविवार को अधिकतम पारा 20 व न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस पर रहा। यानी पारा वर्तमान समय में संतुलित जरूर हो गया है लेकिन सुबह शाम ठंड बरकरार है। बारिश तेज होती है तो किसानों की दलहनी व तिलहनी की फसल को नुकसान होगा। इस समय दलहनी व तिलहनी की फसलें फूल ले रही हैं।

पिछले एक माह से ठंड कहर बरपा रही है। कभी पारा लुढ़क रहा तो कभी चढ़ जा रहा था। इस वर्ष ठंड ने पूरी तरह से रिकार्ड तोड़ दिया है। कड़ाके की ठंड में सभी का जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा। सबसे मजेदार स्थिति ऊनी कपड़े बेचने वाले माल संचालकों व ऊनी कारोबारियों की रही। उनके माल के तमाम कपड़े बिक गए। इससे उनके कारोबार में काफी इजाफा नजर आया। मकर संक्रांति पर्व के बाद मौसम ने अपना तेवर बदला तो कभी धूप व कभी छाया में तब्दील हो गया। यही नहीं रिमझिम बारिश भी हुई। शुक्रवार को मौसम पूरी तरह से नम रहा। इसकी वजह से लोगों को सूर्य देव का दर्शन तक नहीं हुआ। ऐसा लग रहा है कि बारिश होगी। बारिश तेज होती है तो किसानों की फसलों को नुकसान हो सकता है। अगर बारिश रिमझिम होगी तो ज्यादा नुकसान नहीं हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश की वजह से किसानों के चेहरों पर चिता की लकीरें साफ देखी जा रही है। मौसम करवट ले लिया है। पिछले दो दिनों से शाम पांच बजे के बाद मौसम पूरी तरह से नम हो जा रहा है। शाम को सर्द हवाएं चलने लग रही है। इसकी वजह से ठंड भी बढ़ जा रही है। ठंड की वजह से अभी भी लोग परेशान नजर आ रहे हैं। वैसे माल संचालकों ने ठंड का खूब लुत्फ उठाया। माल संचालकों ने खूब स्कीमें देकर ऊनी कपड़ों की तरफ लोगों का आकर्षण बढ़ा रहे हैं।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस