मऊ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने जा रहे कांग्रेसियों ने किया सड़क जाम, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
मऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ...और पढ़ें

मऊ में ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने 12 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
HighLights
कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग की।
मऊ में प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम किया गया।
पुलिस ने 12 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
जागरण संवाददाता, मऊ।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कचहरी मोड़ पर आंधे घंटे तक सड़क जाम कर दिया। इस दौरान ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंके जाने को लेकर पुलिस व कांग्रेस कार्यकर्ताओ मेंं झड़प भी हुई। इस दौरान बारह कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कचहरी मोड़ पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस को भी बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आंधे घंटे तक सड़क जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंके जाने के मामले में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई। इस झड़प के दौरान पुलिस ने बारह कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव कराने में विफलता दिखाई है और इसके चलते लोकतंत्र को खतरा उत्पन्न हो गया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त नहीं किया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो उन्होंने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का निर्णय लिया। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को बाद में थाने ले जाया गया।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्क्रियता के कारण चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने मऊ में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को लेकर अन्य राजनीतिक दलों से भी समर्थन मांगा है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।
पुलिस ने कहा कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर हैं और किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
