जागरण संवाददाता, मऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित आगमन को लेकर बुधवार से चल रही तैयारी व चहलकदमी पर उस समय विराम लग गया जब पता चला कि कार्यक्रम अभी निर्धारित नहीं है। सीएम 25 अक्टूबर को वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन के दौरान आगवानी करेंगे। इसके बाद प्रशासनिक अफसरों व कर्मचारियों ने जहां राहत की सांस ली वहीं एक बार फिर उहापोह की स्थिति रही। कलेक्ट्रेट से लेकर जिला मुख्यालय तक हर शख्स सीएम के आगमन को लेकर नई-नई तिथियों पर कयास लगाता रहा। फिलहाल दो माह में सीएम के कार्यक्रम के कैंसिल होने से प्रशासनिक अफसरों की फजीहत भी बढ़ गई है। जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल बुधवार की शाम को सभी विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। फिलहाल उसी दिन से युद्धस्तर पर विकास कार्य जहां पूरे कराएं जाने लगे वहीं कार्यालयों की फाइलों को भी दुरुस्त कराया जाने लगा। यही नहीं जगह-जगह अतिक्रमण भी प्रशासन हटाने लगा। चूंकि स्टेडियम तक सीएम का काफिला जाता, इसलिए गाजीपुर तिराहे से लेकर आजमगढ़ मोड़ व रोडवेज तक युद्धस्तर पर अभियान चल रहा था। रेलवे के मैदान में बकायदा टेंट आदि की व्यवस्था की जा रही थी। शनिवार को जिलाधिकारी ने बताया कि सीएम 24 को नहीं आएंगे। कोई अभी आगे की निश्चित तिथि नहीं आई है। वैसे चर्चा के अनुसार सीएम अब 27 को आएंगे। डीएम ने कहा कि सीएम के आगमन को लेकर इस माह किसी भी दिन प्रोटोकाल आ सकता है।

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