जागरण संवाददाता, मऊ : थाना सरायलखंसी क्षेत्र के रैकवारडीह में संपत्ति विवाद को लेकर 24 वर्ष पूर्व हुई दुबरी पांडेय की निर्मम हत्या को कोर्ट ने रेयर आफर रेयरेस्ट माना है। इस मामले में न्यायालय ने दोषसिद्ध अधिवक्ता राकेश पांडेय व उसके साले यशवंत चौबे को फांसी की सजा के साथ एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं विधि विरुद्ध जमावड़े के आरोप में प्रत्येक को दो वर्ष का सश्रम कारावास व दो हजार रुपया जुर्माना न देने पर दो माह अतिरिक्त कारावास व बलवा के आरोप में प्रत्येक को तीन वर्ष की कैद व तीन हजार जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास तथा सबूत नष्ट करने के आरोप में प्रत्येक को 5 वर्ष का सश्रम कारावास व पांच हजार जुर्माना न देने पर पांच माह के कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना की राशि अदा न होने पर आरोपियों की संपत्ति से राजस्व की तरह वसूल कर उसका 80 फीसद वादी के आश्रितों को बराबर-बराबर बांटने का निर्देश दिया।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक आदिल आफताब अहमद ने इस चर्चित हत्याकांड में सोमवार को दोनों आरोपितों को दोषी ठहराया था। मंगलवार को जेल से तलब कर उन्हें सजा के प्रश्न पर सुना। दोषसिद्ध आरोपित राकेश पांडेय ने अदालत से दया की याचना करते हुए कहा कि वह एक अधिवक्ता है तथा उस पर अपने पूरे परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी है। विचारण में 24 वर्ष लग गए। इसमें वह काफी मानसिक व आíथक कष्ट झेल चुका है। इसलिए कम से कम दंड दिया जाय। अभियोजन की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने इस मामले को रेयर आफ रेयरेस्ट बताते हुए कठोर दंड की गुजारिश की। कहा कि मृतक आरोपित अधिवक्ता के बाबा के नावल्द भाई थे। आरोपित ने उनका सिर व दोनों अंगूठा काट कर उनके अस्तित्व को मिटाने की कोशिश की थी। जबकि वह एक अधिवक्ता होने के नाते कानून के हर तथ्य की जानकारी रखता है। यही नहीं मृतक का सिर लेकर गांव वालों को धमकाया भी कि जो गवाही करेगा उसका यही हश्र होगा। न्यायाधीश ने निर्णय में लिखा कि इस घटना से समाज स्तब्ध हो गया, मानवता किक‌र्व्यविमूढ़ हो गई। मानवीय संबंध तार-तार हो गए। इस मामले में आरोपितों को कठोरतम दंड नही देने से समाज मे गलत संदेश जाएगा। घटना 12 मार्च 1996 के 12 बजे दिन की है। वादी मुकदमा अपने बाबा दुबरी पांडेय के साथ गेहूं के खेत की सिचाई करके वापस आ रहे थे कि पहले से जिऊतबन्धन के खेत में छिपे इंद्रासन पांडेय, राकेश पांडेय, मिथिलेश ऊर्फ दीपू व घनश्याम पांडेय सभी रैकवारेडीह के तथा यशवंत चौबे निवासी बरवां थाना रानीपुर ने उसके बाबा को पकड़ लिया। उन्हें पटक कर राकेश पांडेय ने दाव से दुबरी की गर्दन व हाथ का अंगूठा काट कर अलग कर दिया। साथ ही मृतक की गर्दन हाथ में लेकर सबको आतंकित किया कि कोई गवाही न करे तथा दोनों अंगूठा भी लेकर चले गए। जिसे बाद में पुलिस ने तालाब से बरामद किया था।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस