जागरण संवाददाता, मऊ : वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर जिले में इससे बचाव के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए कुल 547 लोगों की मेडिकल स्टाफ की टीम बनाई गई है। इसमें 107 चिकित्सक और 440 पैरामेडिकल स्टाफ शामिल है। साथ बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने की आशंका को देखते हुए 66 चिकित्सक व स्टाफ नर्स को भी प्रशिक्षित किया गया है।

दूसरी लहर में जहां मेडिकल टीम एल -1 और एल -2 अस्पताल में कुल 158 लोगों की मेडिकल टीम कार्य कर रही थी। साथ ही आरबीएसके से जुड़े 50 स्वास्थ्यकर्मी, आरआरटी टीम से 204 व जांच, ट्रेसिग के साथ होम आइसोलेशन के मरीजों के उपचार में भी टीम लगी थी। विभाग के अनुसार इन सभी सरकारी अस्पतालों के साथ पांच निजी चिकित्सालय को भी कोविड अस्पताल के लिए चिन्हित किया गया है जहां आवश्यक होने पर मरीजों का उपचार किया जाएगा। दूसरी लहर के बाद से अब तीसरी की आशंका को देखते हुए, सभी टीम अलर्ट मोड है। वहीं अध्ययन के मुताबिक तीसरी लहर के दौरान बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने की आशंका है। उसको देखते हुए बच्चों के इलाज के लिए लखनऊ में चिकित्सकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सकों ने 66 स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए खास प्रशिक्षण दिया गया है।

वर्जन

दूसरी लहर के दौरान ही संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए लगी टीम कार्य कर रही है। फिलहाल अभी जिले में कोविड अस्पताल में एक भी मरीज नहीं है। इससे टीम अन्य कार्य में लगी है। वही संभावित तीसरी लहर के बच्चों के इलाज के लिए अभी तक कुल 66 स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

- डा. बीके यादव, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।

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