जागरण संवाददाता, मऊ : जनपद के उत्तरी छोर पर बह रही सरयू नदी के जलस्तर में घटाव के साथ ही लहरें तीव्र हो रही हैं। हालांकि बीते 24 घंटे से नदी एक जगह पर शांत है पर यह खतरे का संकेत है। दोहरीघाट में लगातार नदी की लहरें कृषि योग्य जमीनों को समाहित करती जा रही है। बीते 24 घंटे में लगभग 10 एकड़ भूमि नदी की धारा में विलीन हो चुकी है। जैसे-जैसे नदी का पानी खेतों से निकल रहा है वैसे-वैसे खेतों की बर्बाद फसलें ही दिखाई पड़ रही हैं। उधर मधुबन के बिदटोलिया गांव को इससे काफी राहत मिली है। यहां कटान थम सी गई है। वहीं सिचाई विभाग नदी के मुहाने वाले आधा दर्जन घरों को बचाने की जद्दोजहद में जुटा है। चार स्थानों को चिह्नित कर कटान रोकने की अस्थाई कवायद चल रही है।

दोहरीघाट प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी तटवर्ती इलाकों में तबाही मचा रही है। लोहड़ा देवारा में 10 एकड़ भूमि नदी काट चुकी है। नागा बाबा की कुटी के समीप नदी तेजी से कटान कर रही है। ब्रह्मचारी बाबा की कुटी से रामपुर तक कटान जारी है। धारा तेज है जिससे मुक्तिधाम पर भी खतरा बना हुआ है। नदी बहादुरपुर, रसूलपुर के तटवर्ती इलाकों में भी कटान कर रही है। नदी की तेज धारा जलस्तर घटने के साथ ही और तेज हो गई है। जानकी घाट पर भी उसका कटान जारी है। जानकी घाट को नदी काटने पर उतारु है। गौरीशंकर घाट पर रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 69.50 मीटर पर स्थिर था। नदी अब खतरा बिदु से 40 सेंटीमीटर नीचे है।

मधुबन प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर स्थिर है। देवारा के बिदटोलिया गांव में नदी की कटान थम गई है। इससे गांव के लोग काफी राहत महसूस कर रहे हैं और लोगों का भय अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। सिचाई विभाग चार स्थानों को चिह्नित कर कटान रोकने की कवायद में लगा है। हालांकि यह कवायद पूर्ण रूप से स्थाई नहीं है। इससे कवायद से कटान को कुछ हद तक कम तो किया जा सकता है मगर पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। बिदटोलिया प्राथमिक विद्यालय पर गांव के करीब दो दर्जन कटान पीड़ित पनाह लिए हुए हैं।

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