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यमुना से मिले पंजाब के दो और श्रद्धालुओं के शव, बढ़कर 13 हुई मृतकों की संख्या

Published: Sun, 12 Apr 2026 10:41 AM (IST)Updated: Sun, 12 Apr 2026 11:09 AM (IST)

शनिवार शाम तक 11 शव मिले थे, और रविवार सुबह लुधियाना के ऋषभ शर्मा व डिंकी बंसल के शव मिलने ...और पढ़ें

मथुरा नाव हादसे में ऋषभ शर्मा और डिंकी बंसल की फाइल फोटो।

मथुरा नाव हादसे में ऋषभ शर्मा और डिंकी बंसल की फाइल फोटो।

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जागरण संवाददाता, मथुरा। शुक्रवार को नौका विहार के दौरान वृंदावन में यमुना में पैंटून पुल का पीपा टकरा जाने से पंजाब के श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट पलटने के मामले में लगातार पानी में डूबे लोगों की तलाश की जा रही है। शनिवार शाम तक 11 शवों को निकाला जा चुका था। रविवार सुबह दो अन्य श्रद्धालुओं के शव भी मिल गए।

यमुना में डूबे पंजाब के दो अन्य श्रद्धालुओं के शव मिले

इनमें लुधियाना के जगराओं निवासी ऋषभ शर्मा और लुधियाना के ही अर्बन एस्टेट डूगरी निवासी डिंकी बंसल शामिल हैं। अब मृतक संख्या बढ़कर 13 हो गई है। हादसे में डिंकी बंसल की मां मीनू बंसल की भी मृत्यु हो चुकी है। उनका शव शुक्रवार को ही निकाल लिया गया था।

मोटरबोट चालक और पैंटून पुल ठेकेदार के खिलाफ केस

पुलिस ने मोटरबाेट चालक और पैंटून पुल ठेकेदार दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। डीएम ने हादसे की जांच एडीएम वित्त डॉक्टर पंकज वर्मा को सौंपी है। रिपोर्ट के आधार पर अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 

सब पर कार्रवाई होगी 

डीएम सीपी सिंह का कहना है कि एडीएम पंकज वर्मा की जांच रिपोर्ट के आधार पर हादसे के सभी दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। कोई बचेगा नहीं। अभी पुलिस ने चालक और ठेकेदार को प्रारंभिक आधार पर दोषी मानकर जेल भेजा है।

क्या कोई अधिकारी दोषी नहीं

माना जा रहा है कि प्रशासन ने मामले में बोट चालक और ठेकेदार को जेल भेजकर लोनिवि और भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को बचा लिया है। आखिर जब पुल जुड़ रहा था तो लोनिवि अधिकारी क्यों मौजूद नहीं थे? वहां पुल के कार्य के बीच कैसे नाव संचालक की अनुमति जल मार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने प्रदान कर दी?

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