वृंदावन में तीन दिन की छुट्टियों ने बिगाड़े हालात, बांकेबिहारी मंदिर में उमड़ी भीड़ और सड़कों पर ट्रैफिक जाम
वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में लंबी छुट्टियों के कारण भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे दर्शन और ...और पढ़ें

बांकेबिहारी मंदिर के बाहर लगी में श्रद्धालुओं की लाइनें।
HighLights
लंबी छुट्टियों के कारण बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़।
पुलिस को भीड़ नियंत्रण में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी की एक झलक पाने की मन में इच्छा पाले सैकड़ों किमी लंबी यात्रा करके जब श्रद्धालु मंदिर के समीप पहुंचे तो पहले से मौजूद भक्तों की भीड़ ने उनकी माथे पर परेशानी की लकीरें खींच डालीं। मन में आराध्य के एक झलक पाने की इच्छा थी तो आराध्य के लिए भक्त के सामने कितनी भी बड़ी चुनौती हो, कमतर ही रहती है।
आराध्य के दर्शन की इच्छा और भीड़ के दबाव, आपाधापी को झेलते दस मिनट का रास्ता एक घंटे में मंदिर तक तय किया तो शरीर पूरी तरह बेसुधी की हालत में पहुंच चुका था। लेकिन, मंदिर प्रांगण में कदम रखते ही सामने जैसे ही आराध्य की एक झलक पड़ी, सारी थकान उड़ गई और मुंह पर केवल बांकेबिहारीजी के जयकारे के साथ आगे बढ़ने का सिलसिला शुरू हो गया।
रेलिंग में होकर आराध्य के दर्शन कर जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु आगे बढ़ रहे थे। तो मानो प्रतीत ही नहीं हो रहा था कि एक घंटे तक दिक्कतों से जूझते श्रद्धालु मंदिर के अंद पहुंचे हों। जी हां, यही हालात थे शुक्रवार की सुबह जब ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के पट खुले तो। विद्यापीठ से लेकर मंदिर तक भक्तों की भीड़ का दबाव ऐसा कि पुलिस के बैरियर पर श्रद्धालुओं को रोक पाना मुश्किल हो रहा था।
जितनी देर श्रद्धालुओं को रोका जा रहा था, पीछे से भीड़ का दबाव इतना ही बढ़ता दिखाई देता और आपाधापी का माहौल बन जाता। भीड़ के बीच हालात ये कि न तो बाहर ही निकल सकें और न ही आगे बढ़ने को कदम रखने तक की जगह। जो जहां था खड़ा रहने के बाद दूसरा उपाया नहीं था। जैसे ही पुलिस का बैरियर खुलता, तो भीड़ आगे दौड़ लगाना शुरू कर देती।
ऐसे में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पीछे रह जाते। लेकिन, आगे फिर बैरियर पर श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव बनने लग जाता। मंदिर आने के लिए विद्यापीठ से मंदिर तक तीन जगह बैरियर पर श्रद्धालुओं को भीड़ के दबाव में इंतजार ही नहीं करना पड़ा। बल्कि भीड़ का दबाव, आपाधापी के माहौल को भी झेलना पड़ा। दिनभर यही हालात बने रहे।
दो दिन और रहेगी भीड़
शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती से शुरू हुई सार्वजनिक छुट्टी के कारण सुबह से ही मंदिर आने वाले भक्तों की भीड़ शुरू हुई। जबकि शनिवार और रविवार के साथ तीन दिन एकसाथ छुट्टियां पड़ने से अभी दो दिन और भी हालात बिगड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
