जागरण संवाददाता, वृंदावन: मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ¨सह ने कहा कि इन दिनों पेट्रो पदार्थों के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये का गिरता स्तर दोनों में होड़ लगी है कि शतक कौन लगाएगा। उन्होंने एससीएसटी एक्ट संसद में लागू होने के लिए सवर्ण सांसदों को दोषी ठहराते हुए कहा कि जब संसद में कानून पास हो रहा था तो सवर्ण सांसद क्या कर रहे थे। इसका जवाब हर पार्टी से पूछना चाहिए। सबसे पहले भाजपा से पूछा जाए।

जगद्गरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के जन्मोत्सव समारोह में शामिल होने आए दिग्विजय ¨सह ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि महंगाई के बावजूद भले ही आज जनता मौन है, लेकिन इसका परिणाम 2019 लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। जनता अपना गुस्सा सरकार पर उतारेगी। कांग्रेस नीत महागठबंधन के सवाल पर ¨सह ने कहा कि 28 पार्टियों के साथ सबसे बड़ा गठबंधन तो भाजपा के साथ है। कांग्रेस के भारत बंद के आह्वान के बावजूद सपा-बसपा के पीछे हटने के सवाल पर कहा कि जिसे रुपये के गिरते स्तर और पेट्रो पदार्थों के बढ़ते दाम की ¨चता होगी, वह साथ देगा। तीन तलाक के सवाल पर कहा कि वे इसके स्वरूप का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर राममंदिर के नाम पर धर्म का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। मप्र में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी के सवाल पर कहा कि वे साधारण कार्यकर्ता थे और रहेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने ठा. बांके बिहारीजी मंदिर पहुंचकर दर्शन कर पूजा-अर्चना की। पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सोहन ¨सह सिसौदिया, नूतन बिहारी पारीक, शशिकांत सारस्वत, श्याम दुबे, ऋषि शर्मा, रामभरोसी चौधरी ने दिग्विजय ¨सह का स्वागत किया।

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