जागरण संवाददाता, वृंदावन: चतु:संप्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद द्वारा आयोजित संत सम्मेलन में सोमवार को संतों ने मांग उठाई कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर अदालत के निर्णय के बाद सरकार मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन करेगी। कहा कि इस ट्रस्ट में वृंदावन के उन संतों को उचित सम्मान मिले, जिन्होंने राममंदिर आंदोलन में बढ़चढ़कर सहभागिता की।

वंशीवट स्थित बंगाल कुंज में आयोजित संत सम्मेलन में महंत फूलडोल बिहारीदास ने कहा राम जन्मभूमि आंदोलन में संतों व ब्रजवासियों ने तन, मन और धन के साथ सहभागिता की थी। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद ब्रजवासियों और संतों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। महंत रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा अदालत के आदेश के बाद सरकार द्वारा बनाए जा रहे ट्रस्ट में वृंदावन को उचित स्थान मिलना चाहिए। ट्रस्ट में उन्हीं संतों को शामिल किया जाए, जिन्होंने आंदोलन में अहम भूमिका निभाई। महंत सच्चिदानंद, महंत श्यामसुंदर दास, महंत रामप्रकाश दास, महंत लक्ष्मण दास, महंत शांति दास, महंत बलराम दास, महंत मोहिनीबिहारीशरण दास ने राममंदिर ट्रस्ट में वृंदावन के संतों को स्थान देने के अलावा वृंदावन कुंभमेला क्षेत्र को सुरक्षित करने, कुंभमेला को राजकीय मेला घोषित करने की मांग उठाई। सम्मेलन में संतों ने स्वामी वामदेव महाराज, संत कौशलकिशोर दास को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए राममंदिर में उचित स्थान दिए जाने की मांग की। इस मौके पर चतु:संप्रदाय वैष्णव परिषद एवं सभी अखांड़ों के महंतों ने बंगाल कुंज के संत रामशंकर दास को महंताई की चादर ओढ़ाई।

Posted By: Jagran

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