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मथुरा, जागरण संवाददाता। सिचाई मंत्री धर्मवीर सिंह ने सोमवार को कहा कि तालाबों को गंगाजल से भरवाया जाएगा। सोमवार को ही इसके लिए सिचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीटिग की थी, इसकी प्लानिग की जा रही है।

सिचाई मंत्री ने सिचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों संग कलक्ट्रेट सभागार में बैठक की। इसके बाद पत्रकारों से कहा कि जल संचयन और वर्षा जल के संरक्षण के लिए प्रदेश भर में बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में खारे पानी की समस्या है, वहां तालाबों की खोदाई कराई गई है। इनको गंगाजल से भरा जाएगा। इनकी कनेक्टिविटी को लेकर भी प्लानिग की जा रही है। हरियाणा और राजस्थान पर यूपी का दो सौ करोड़ रुपये से अधिक का सींचकर बकाया है। इसके लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया जाएगा।

सिचाई मंत्री ने कहा कि कहीं पर कोई नहर, रजवाह और माइनर की पटरी कटती है तो पहले जेई को निलंबित किया जाएगा। उसके बाद पटरी काटने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अवैध कुलाबों और पानी चोरी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि अब सरकार माइनर, रजवाह और मुख्य नहरों की समितियां गठित करने जा रही है। इनका चुनाव डीएम और एसएसपी कराएंगे। उक्त समितियां ही नहरों का संचालन करेंगी। समितियों के बीच पानी को लेकर होने वाले झगड़े के संबंध में मंत्री ने कहा कि इसकी मॉनीटरिग सिचाई विभाग करेगा। जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के संबंध में बताया कि बनाए गए अधिनियम के तहत कोई भी नदी और तालाबों को गंदा करेगा तो उसके खिलाफ जुर्माना वसूले जाने की कार्रवाई की जाएगी। इसमें 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इस दौरान डीएम सर्वज्ञराम मिश्रा, एसएसपी शलभ माथुर, विधायक पूरन प्रकाश, विधायक कारिदा सिंह, भाजपा नेता पदम सिंह शर्मा और सिचाई बंधु उपाध्यक्ष सुधीर रावत मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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