वृंदावन, जासं। हरियाणा से मंदिरों के दर्शन करने आए दंपती ने प्रेम मंदिर के सामने मीणा धर्मशाला के कमरे में खुद को बंद कर विषाक्त का सेवन कर लिया। धर्मशाला कर्मचारियों ने पुलिस की मदद से पति-पत्नी को कमरे से बाहर निकालकर जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती करवाया। हालत चिताजनक होने पर चिकित्सकों ने नयति अस्पताल रैफर कर दिया। नयति हॉस्पिटल में भर्ती पति की हालत चिताजनक बताई जा रही है। पत्नी का भी आइसीयू में उपचार चल रहा है। इनके साथ तीन साल का बेटा भी है, जिसे महिला पुलिसकर्मी संभाले हुए हैं।

धर्मशाला के रिशेप्सन पर मौजूद मनोज कुमार के अनुसार दंपती हरियाणा के जिला यमुना नगर के जगाधरी निवासी अभिषेक व वर्षा अपनी तीन साल की बेटे के साथ मंगलवार की शाम करीब 7.50 बजे कमरा नंबर 202 में ठहरे। बुधवार की सुबह पति-पत्नी बाहर घूमकर आए और 9.20 बजे कमरे में चले गए। इसके आधा घंटे बाद अभिषेक की बहन प्रियंका का रिसेप्शन पर कॉल आया कि दोनों का फोन नहीं लग रहा। मेरी बात करवा दो। मनोज जब कमरे पर गया तो वह अंदर से बंद था और बच्चा रो रहा था। मनोज को शक हुआ तो पुलिस को खबर की। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो पति-पत्नी बेहोश पड़े थे और बेटा रो रहा था। पति के पास कीटनाशक दवा की शीशी पड़ी थी। इससे स्पष्ट हो गया कि दोनों ने विषाक्त का सेवन कर लिया। पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाया। हालात गंभीर होने पर उन्हें नयति अस्पताल रैफर कर दिया। जहां अभिषेक को वेंटीलेटर पर रखा गया है जबकि पत्नी का आइसीयू में उपचार चल रहा है। कहां से आया कीटनाशक

दंपती के पास कीटनाशक कहां से आया। ये होश में आने के बाद ही पता चलेगा। कीटनाशक का इस्तेमाल झगड़े के कारण नहीं बल्कि पहले से तय योजना के मुताबिक किया प्रतीत हो रहा है। वहीं बहन ने फोन करके झगड़े की बात कही थी। -जो जानकारी पता लगी है उसके मुताबिक वर्षा का अपनी सास से झगड़ा हुआ था। इसके बाद दंपती बेटे के साथ यहां आ गए थे। यहां भी उनका सुबह झगड़ा हुआ और इसके बाद दोनों ने विषाक्त का सेवन कर लिया। परिजनों के आने के बाद ही ज्यादा जानकारी हो पाएगी।

राजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी

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