मथुरा, जागरण संवाददाता: श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले में दिल्ली निवासी हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता के वाद पर पहले पोषणीयता के बिंदु पर सुनवाई होगी। बुधवार को हुई सुनवाई में प्रतिवादी शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी ने कहा कि अमीन निरीक्षण का आदेश बगैर हमें सुने जारी किया गया। ये वाद चलने लायक ही नहीं है, इसलिए पहले ये तय हो कि वाद चलेगा या नहीं।

अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन (तृतीय) सोनिका वर्मा के न्यायालय ने इस पर पहले पोषणीयता पर सुनवाई का आदेश दिया। अगली सुनवाई के लिए 10 फरवरी की तिथि नियत की गई है।

विष्णु गुप्ता ने आठ दिसंबर को वाद दायर कर श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर से शाही मस्जिद ईदगाह हटाने की मांग की थी। उन्होंने इसके लिए अमीन से निरीक्षण कराकर रिपोर्ट मंगाने की भी मांग की थी। न्यायालय ने आदेश जारी कर अमीन निरीक्षण कर 20 जनवरी तक रिपोर्ट मांगी थी।

शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी ने की आपत्ति

इस पर शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी ने आपत्ति प्रस्तुत की और कहा कि बगैर हमें सुने अमीन निरीक्षण का आदेश न्याय संगत नहीं है। पहले हमें सुना जाए। एक और प्रार्थना पत्र देकर कमेटी की ओर से अधिवक्ता नीरज शर्मा ने कहा कि ये वाद चलने लायक ही नहीं है। ये वाद पूजा स्थल अधिनियम-1991 और परिसीमा अधिनियम से बाधित है।

बुधवार को इस मामले में न्यायालय में हुई सुनवाई में वादी पक्ष के अधिवक्ता शैलेश दुबे ने कहा कि अमीन निरीक्षण की रिपोर्ट जरूरी है। कमेटी की आपत्ति पर बाद में भी सुनवाई हो सकती है। पहले अमीन निरीक्षण की रिपोर्ट आना जरूरी है।

आपत्ति में पहले पोषणीयता पर सुनवाई की मांग

ईदगाह कमेटी ने इस पर आपत्ति की और कहा कि पहले पोषणीयता पर सुनवाई हो। ये तय हो कि वाद चलेगा या नहीं, इसके बाद ही आगे सुनवाई की जाए। न्यायालय ने पहले पोषणीयता पर सुनवाई किए जाने का आदेश दिया। ईदगाह कमेटी के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तिथि नियत की गई है।

अमीन निरीक्षण का आदेश पूर्व में जारी हुा है, इसलिए पहले उस पर अमल किया जाए। हमने न्यायालय में यही मांग रखी है। अब अगली तिथि पर भी हम अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। -शैलेश दुबे, अधिवक्ता वादी पक्ष।

वक्फ बोर्ड भी उपस्थित, मांगे दस्तावेज

विष्णु गुप्ता के वाद में बुधवार को उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से अधिवक्ता जीपी निगम भी उपस्थित हुए। उन्होंने अपना वकालतनामा प्रस्तुत कर वाद से संबंधित दस्तावेज मांगे, ताकि वह अपनी आपत्ति लगा सकें। न्यायालय ने दस्तावेज उपलब्ध कराने के आदेश वादी को दिए।

पूजा स्थल अधिनियम से बाधित नहीं वाद, पहले कराएं सर्वे

मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले में अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह की अपील पर बुधवार को एडीजे अभिषेक पांडेय के न्यायालय में सुनवाई हुई। वादी पक्ष ने कहा कि सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय ने पहले हमारे वाद की पोषणीयता पर सुनवाई का आदेश दिया है। जबकि उससे अधिक जरूरी कमिशन गठित कर सर्वे कराना है। इसलिए निचली अदालत को सर्वे कमिशन गठित कर का आदेश दिया जाए।

महेंद्र प्रताप सिंह ने पूर्व में सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में वाद दायर कर श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर से शाही मस्जिद ईदगाह हटाने की मांग की थी। इस पर सिविल जज ने शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी की आपत्ति को लेकर पहले वाद की पोषणीयता पर सुनवाई का आदेश दिया था।

आदेश के विरुद्ध जिला जज के न्यायालय में अपील की थी

महेंद्र प्रताप सिंह ने इस आदेश के विरुद्ध जिला जज के न्यायालय में अपील की थी। बुधवार को अपर जिला जज के न्यायालय में सुनवाई हुई। इस पर वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी व राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि राजस्व अभिलेख, ऐतिहासिक साक्ष्य, नगर निगम के दस्तावेज हमारे पास हैं। इसलिए सर्वे को प्राथमिकता दी जाए। कहा कि मुस्लिम पक्ष को डर है कि कई ऐतिहासिक साक्ष्य सर्वे में सामने आ जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पूर्व में रंजना अग्निहोत्री की ओर से दायर वाद में भी न्यायालय ने कहा था कि वाद पूजा स्थल अधिनियम से बाधित नहीं है। न ही परिसीमा अधिनियम लागू होता है। इसलिए पोषणीयता पर सुनवाई की जरूरत ही नहीं है।

शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी की ओर से अधिवक्ता नीरज शर्मा ने कहा कि पहले इसकी पोषणीयता पर सुनवाई जरूरी है। न्यायालय ने एक फरवरी को शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को अपना पक्ष रखने का समय दिया है।

Edited By: MOHAMMAD AQIB KHAN

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