मथुरा, जासं। योजना जमीन पर उतरी तो परिषदीय विद्यालयों का नजारा बदला-बदला नजर आएगा। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्रा प्रोजेक्टर से पढ़ेंगे और क्लास स्मार्ट होंगी। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को कॉन्वेंट स्कूल की तर्ज पर शिक्षा दी जाएगी। छात्र-छात्राओं को स्मार्ट क्लास में पढ़ाने के लिए 25 विद्यालयों का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं का रूझान पढ़ाई की ओर अधिक करने के लिए स्मार्ट शिक्षा देने की योजना बनाई गई है। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए शिवनायदा फाउंडेशन से बेसिक शिक्षा विभाग की बात चल रही है। फाउंडेशन तकनीकि ज्ञान रखने वाले शिक्षकों से छात्र-छात्राओं को पढ़वाएगी। इससे छात्र-छात्रा पढ़ाई को बो¨रग मानने के बजाय मनोरंजक मानने लगे। यह विद्यालय प्रस्तावित

प्राथमिक विद्यालय अड़ूकी द्वितीय, प्रावि नरहौली द्वितीय, प्रावि पालीखेड़ा द्वितीय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सूर्य नगर, प्रावि औरंगाबाद, प्राथमिक विद्यालय मुड़ेसी, प्रावि नौगांव, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बांकलपुर, प्रावि मासूमनगर, प्राथमिक विद्यालय आजमपुर तंतूरा मथुरा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयला अलीपुर, प्राथमिक विद्यालय असगरपुर सतोहा, प्राथमिक विद्यालय कोटा, प्रावि सलेमपुर, प्राथमिक विद्यालय पिरसुआ, प्राथमिक विद्यालय ईशापुर, प्रावि भीम, पूर्व माध्यमिक विद्यालय जिरौली, प्राथमिक विद्यालय महावन द्वितीय, प्राथमिक विद्यालय हयातपुर, प्रावि नौहझील, प्राथमिक विद्यालय बरसाना प्रथम, प्रावि उतरी नंदगांव, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कन्या नोगांव, प्राथमिक विद्यालय चौमुहां द्वितीय।

बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर बनाने को छात्र-छात्राओं को स्मार्ट क्लास में पढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। छात्र-छात्राओं को प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा दिलाई जाएगी। इसके लिए दो दर्जन विद्यालय चयनित किए गए हैं।

चंद्रशेखर, बीएसए

Posted By: Jagran

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