जागरण संवाददाता, गोवर्धन: 'लै कै ग्वाल बाल लाल गिरिवर पुजाय लियौ, आपई खबायौ और आपही नै खाय लियौ, गिरिवर कौ मान तीनौ लोक में बढ़ाय लियौ, इनकी शरण प¨ड़गे आज गिरिराज पूजा क¨रगे.। गुरूवार को प्रसाद के रूप में अन्न का पहाड़ समर्पित कर गिरिराज का पूजन किया गया। भजनों की धुन पर देशी व विदेशी भक्तों ने सिर पर प्रसाद की छबरिया लेकर उनका दुग्धाभिषेक किया और भोग लगाया।

गोवर्धन में हुए गिरिराज महोत्सव में विदेशी गौड़ीय भक्त राधाकुंड मार्ग स्थित गौड़ीय मठ पर एकत्रित हुए। भारतीय परिधान पहने विदेशी महिला-पुरुष भक्त सिर पर प्रसाद की टोकरी रखे माधव महाराज के नेतृत्व में गोवर्धन पूजा को निकले। बैंडबाजों के साथ निकलता हरिनाम संकीर्तन वातावरण में भक्ति की मिठास घोलता रहा। राजा वाले मंदिर पर दुग्धाभिषेक कर अन्नकूट का भोग लगाया और जमकर नृत्य किया।

मानसी गंगा के तट पर मुकुट मुखार¨वद मंदिर में सेवायत मनोज लंबरदार ने सुबह 4 बजे मंगला में दूध की धार से अभिषेक किया तो भक्तों ने शाम तक धारा को टूटने नहीं दिया। इन सामग्री से बना अन्नकूट

गोवर्धन महाराज के लिए अन्नकूट में चावल, बाजरा, दालें, कढ़ी, खीर, माखन-मिश्री, गड्ड की सब्जी, पापड़, अचार, मोहन भोग, लड्डू, मिष्ठान, मेवा, पान का बीड़ा आदि सैकड़ों खाद्य सामग्री मिलाकर अन्नकूट प्रसाद लगाया गया।

Posted By: Jagran