जासं, मथुरा: सरदार बल्लभ भाई पटेल पर पहला हक किसानों का है। केंद्र सरकार अंबानी, अडाणी जैसे उद्योगपतियों से बिजली के बकाए की वसूली के लिए रिपोर्ट नहीं करा रही है। किसानों के घरों पर दबिश दी रही है। अफसर धमकी देकर वसूली कर रहे हैं। राजस्थान की जनता को तीसरा विकल्प हमने दिया है। यह कहना है राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद जयंत चौधरी का।

शेरगढ़ क्षेत्र के बालाजीपुरम में बुधवार को सरदार बल्लभ पटेल जयंती सप्ताह के समापन समारोह में रालोद उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर संस्था को दबाने का काम किया है। सीबीआइ के यहां सीबीआइ दबिश दे रही है। आरबीआइ को भी दबाने की कोशिश की जा रही है। सरदार पटेल ने किसानों के लिए जो आंदोलन चलाए थे, उनको चौधरी चरण ¨सह ने आगे बढ़ाया है। नौजवानों को इतिहास से भटकाया जा रहा है। वे कट्टर बन रहे हैं। किसानों की समस्याओं पर कहा कि सरकार ने खरीफ में 23 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। मंडियों में किसानों को भाव नहीं मिल रहा है। किसान मांग से अधिक दलहन का उत्पादन कर रहे हैं। सरकार चंद लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दलहन का आयात कर रही है।

एनजीटी ने 10 साल से पुराने ट्रैक्टर चलाने पर रोक लगा दी है। दिल्ली बार्डर पर पहुंचे किसानों से सरकार ने कहा कि वह कोर्ट में दलील देगी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। किसानों की जमीन को खरीदने के लिए सरकार अध्यादेश अब क्यों नहीं ला रही है। राम मंदिर बनाने के लिए भी सरकार कानून बनाने की सिर्फ बात ही करती है। उन्होंने कहा कि गुजरात की कोऑपरेटिव सरदार बल्लभ भाई पटेल की देन है। यूपी में कोऑपरेटिव फेल हो चुकी है।

Posted By: Jagran

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