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संत प्रेमानंद ने शिष्य की मृत्यु के बाद आश्रम के नियम कड़े किए, फाइनल दीक्षा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

By Vipin Parashar Edited By: Prateek Gupta
Published: Wed, 30 Sep 2026 02:38 PM (IST)

रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मृत्यु के बाद संत प्रेमानंद ने श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के नियमों को सख्त कर दिया ...और पढ़ें

संत प्रेमानंद।

संत प्रेमानंद।

संवाद सहयोगी, वृंदावन। संत प्रेमानंद के दीक्षित शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद श्रीराधा केलिकुंज आश्रम में भी खलबली मच गई। संत प्रेमानंद ने साधकों के लिए अब कड़े नियम बनाए हैं। फाइनल दीक्षा और आश्रम में उनकी उपस्थिति अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है।

साधकों के पहनावे को लेकर भी परिवर्तन किया गया है। श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ब्रज संत महिमा में आश्रम प्रबंधन की ओर से मंगलवार शाम एक सूचना प्रेषित की गई है।

इसमें कहा है कि साधक की मृत्यु के बाद लोगों की मिल रहीं अलग-अलग प्रतिक्रियाओं व नकारात्मक टिप्पणियों की जानकारी संत प्रेमानंद तक पहुंच चुकी है। मामले का संज्ञान लेते हुए संत प्रेमानंद ने सख्त कदम उठाए हैं। इसमें वृंदावन वास कर रहे दीक्षित शिष्यों, खासकर हरिवंशियों के लिए कुछ सख्त नियम बनाए हैं।

जो कि पहनावे और मर्यादा से संबंधित हैं, यह परिवर्तन जल्द दिखेंगे। संत प्रेमानंद ने फाइनल दीक्षा, अनुयायियों की आश्रम में अनुपस्थिति को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी है। आश्रम से जुड़े सूत्र बताते हैं कि ऐसे दीक्षित शिष्य जो गृहस्थ में रहकर विरक्त वेश धारण किए हैं, वे सामान्य वेश में ही साधना करें, ऐसे निर्देश आश्रम से दीक्षित साधकों को दिए गए हैं।