संत प्रेमानंद के आश्रम में ड्रेस कोड में बदलाव, अब हर साधक नहीं पहन पाएगा पीले रंग का अचला
संत प्रेमानंद के आश्रम में एक शिष्य की आत्महत्या के बाद ड्रेस कोड में बदलाव किया गया है। अब सभी ...और पढ़ें

संत प्रेमानंद के आश्रम में वेशभूषा को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
HighLights
शिष्य रसिक दुलारी शरण की आत्महत्या के बाद लिया गया निर्णय।
अब सभी शिष्य पीला अचला नहीं पहन पाएंगे, नए नियम लागू।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण के अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने की घटना से संत के आश्रम श्रीराधाकेलिकुंज में भी खलबली मच गई है। शिष्यों की फाइनल दीक्षा और उनकी आश्रम में उपस्थिति पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगाने के अगले ही दिन संत प्रेमानंद ने शिष्यों के पहनावे में भी बदलाव कर दिया।
अब सभी शिष्य पीला अचला नहीं पहन पाएंगे। जो भी शिष्य विरक्त या गृहस्थ हैं और रोजगार से जुड़े हैं। वह अब सामान्य वस्त्र या कुर्ता पायजामा ही पहन सकेंगे। सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति केवल उन विरक्त शिष्यों को होगी।
जो संत प्रेमानंद की सेवा और या केलिकुंज आश्रम की व्यवस्था और सेवा में लगे हैं। अभी संत के ज्यादातर शिष्य पीला अचला पहनते थे, पीला अचला कौन पहनेगा, इस पर निर्णय अभी नहीं हुआ।
25 सितंबर की सुबह साढ़े दस बजे संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण ने श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के पास बने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले उन्होंने टाइल्स काटने वाले ग्राइंडर से अपना गुप्तांग काटा। इस घटना के बाद मंगलवार को संत प्रेमानंद ने शिष्यों की फाइनल दीक्षा और उनके आश्रम में उपस्थिति पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी।
इसके बाद पहनावे पर भी कड़े नियम बनाने को कहा। इसके अगले ही दिन बुधवार को आश्रम की ओर से फिर एक सूचना जारी हुई। इसमें कहा गया कि जो भी शिष्य विरक्त या गृहस्थ हैं और किसी व्यवसाय ठेला या दुकान आदि चलाते हैं, उन्हें अब सामान्य वस्त्र या कुर्ता पायजामा पहनने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह जो शिष्य गृहस्थ हैं और संत प्रेमानंद या केलिकुंज आश्रम की सेवा में जुड़े हैं।
उनके लिए भी सामान्य वस्त्र या कुर्ता पायजामा पहनना अनिवार्य किया गया है। सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति केवल उन विरक्त शिष्यों को होगी, जो संत प्रेमानंद की सेवा या केलिकुंज की व्यवस्था में लगे हैं। इस नियम के बाद बुधवार शाम श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के आसपास सेवा कार्याें में जुटे कुछ शिष्य कुर्ता पायजामा या टीशर्ट में दिखाई दिए।
25 लोगों से पूछताछ, फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की आत्महत्या और गुप्तांग काटने की गुत्थी सुलझ नहीं पा रही है। पुलिस ने आश्रम में रहने वाले शिष्यों, कर्मचारियों समेत करीब 25 लोगों से बात की। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका है। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि 25 सितंबर को रसिक दुलारी शरण की मृत्यु के बाद पुलिस लगातार आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।
रसिक दुलारी का ब्लड सैंपल और मौके पर मिले गुप्तांग काटने में इस्तेमाल ग्राइंडर के ब्लड सैंपल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही शिष्य के मोबाइल को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है।
