जागरण संवाददाता, मथुरा: गल्ला मंडियों में धान के भाव औंधे मुंह गिर गए हैं। शुरुआती दौर में इसके भाव 2800 रुपये कुंतल तक पहुंच गए थे। आज उसी धान की बोली मंडियों में 1840 रुपये से शुरू होकर 2400 रुपये कुंतल पर खत्म हो रही है। इसके बाद भी प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक आठ फीसद ही सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद हो पाई है।

शासन ने इस बार भी पिछले साल के बराबर 3650 मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसकी पूर्ति के लिए भारतीय खाद्य निगम, खाद्य विभाग, उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड और उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन को दायित्व सौंपा गया। सभी के अलग-अलग लक्ष्य भी दे दिए गए थे। मगर, एजेंसियां किसानों से धान की खरीद में दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं। सबसे कम खरीद भारतीय खाद्य निगम ने लक्ष्य के सापेक्ष चार फीसद की है, जबकि पीसीएफ ने 12, पीसीयू ने 10 और खाद्य विभाग ने 18 फीसद की खरीद की है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश्वर प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले साल 386 किसानों से 1750 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। इस बार 350 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री करने के लिए पंजीकरण कराया है। अभी तक 300 मीट्रिक टन धान की सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद हो सकी है। जिले भर में 18 केंद्र खोले गए थे। इस समय मंडी में दस हजार बोरी की रोजाना आवक हो रही है।

Posted By: Jagran

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