बरसाना(मथुरा), संसू। बदलते शिक्षा प्रणाली व माहौल ने हिदू धर्म को तोड़कर रख दिया है। आज हिदुओं को उनके धर्म से भटकाया जा रहा है। हिदू अपना धर्म भूलकर रास्ता भटक चुका है। आने वाले समय के लिए सही संकेत नहीं है। यह बात विद्वत संगोष्ठी में जगद्गुरु रामानुजाचार्य कृष्णाचार्य महाराज ने कही।

लाडिली जी मंदिर में हुई संगोष्ठी में 'वर्तमान समय में हिदू समाज की चुनौतियां एवं समाधान' पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता वैदिक वैज्ञानिक आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक महाराज ने कहा कि अगर हिदू ने अपने धर्म को नहीं समझा तो जल्द उसका पतन हो जाएगा। वहीं आचार्य श्रीयति नरसिघानंद सरस्वती ने वेदों की महानता के बारे में लोगों को परिचित कराया। साथ ही आज के समय में मैकाले शिक्षा को हिदू समाज के पतन का कारण बताया। जगद्गुरु रामानुजाचार्य कृष्णाचार्य महाराज ने जातिवाद का विरोध करते हुए वर्तमान शिक्षा प्रणाली को हिदुओं के लिए बड़ी चुनौती बताया। इसमें हिदुओं को उनके धर्म के बारे में ही नहीं बताया जाता। इसलिए आज हिदू अपने धर्म से ही कटता जा रहा है। आचार्य माधव कृष्ण गोस्वामी ने बताया कि जब तक शिक्षा प्रणाली में बदलाव नहीं आएगा, तब तक कुछ नहीं हो सकता। मैकाले शिक्षा पद्धति से पढ़ने और पढ़ रहे लोग शरीर से तो हिदू होते हैं, परंतु आत्मा से अंग्रेज बन जाते हैं। समापन पर आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक हरिशंकर शर्मा ने कहा कि आज हिदू को अपना धर्म समझना चाहिए।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस