कोसीकलां(मथुरा), संसू। कस्बा के बठैन गेट इलाके का प्राथमिक विद्यालय बरसाती पानी में डूब गया है। बच्चों को पानी में खड़े होकर प्रार्थना और गंदगी के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।

करीब 133 छात्र-छात्राओं वाले विद्यालय में जलभराव के बावजूद पढ़ाई चल रही है। शिक्षकों ने कमरों में जलभराव से बचाव के लिए इंतजाम किए हैं। इलाके में जलनिकासी की सही व्यवस्था न होने से यह समस्या बनी है। रही सही कसर विद्यालय के पास बने तालाब ने पूरी कर दी है।

तालाब में मिट्टी का भराव कराए जाने से उसका आकार छोटा हो गया है। बरसात होते ही वहां से पानी विद्यालय में पानी भर जाता है। कमरों तक पहुंच जाता है। बरसात के दौरान तो बच्चों को पानी में खड़े होकर ही प्रार्थना करनी पड़ती है। इस समस्या का निदान किसी के पास नहीं है।

नगर पालिका और ग्राम पंचायत विद्यालय वाले स्थान को अपनी सीमा में मानने को तैयार हैं। नगर पालिका चेयरमैन नरेंद्र कुमार का कहना है कि कॉलोनी हमारी सीमा में नहीं आती है।

जब-जब बरसात हुई तब-तब स्कूल में पानी भरा मिला। पानी में ही खड़े होकर प्रार्थना की। फिर कमरों से पानी निकल दिए जाने के बाद हमारी पढ़ाई शुरू हुई।

साइना, छात्रा चारों ओर गंदा पानी भर गया था। स्कूल तो आना होता ही है। फिर जो सभी बच्चे रहते हैं वैसे ही हमें भी रहना पड़ता है।

जसवंत, छात्र अब की बार स्कूल में पानी भरा है। पानी से उनके कपड़े भी गीले हो गए थे, लेकिन पढ़ते-पढ़ते सूख गए। आकाश कुमार, छात्र पढ़ाई के लिए स्कूल आते हैं। पानी से बचाव वाली जगह देखकर बैठ जाते हैं। मैंम ने कमरे साफ कराए, दो दिन से वही पढ़ाई हुई है।

मुस्कान, छात्रा बच्चे अगर ऐसे स्थान और पानी के संपर्क में आएंगे तो गेस्ट्रो इंटाइटिस के शिकार होंगे। उल्टी, दस्त, खुजली की परेशानी बढ़ेगी। अगर यह समस्या लम्बे समय तक रही तो मच्छरों के पनपने से मलेरिया भी हो सकता है। बचाव व साफ-सफाई के तुरंत उपाए किए जाने चाहिए।

- डॉ. स्वतंत्र सक्सेना, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोसीकलां विद्यालय में तालाब के उफनने एवं नालियों के पानी से यहां जलभराव की समस्या बनी हुई है। बरसाती दिनों में हालात बेकाबू हो जाते हैं। इस बार भी यही समस्या है। बच्चों के शिक्षण कार्य में भी समस्या आ रही है। प्रशासन को इस बावत कई बार लिखित में शिकायत कर अवगत करा चुके हैं।

- पूनम शर्मा, कार्यवाहक प्रभारी, प्राथमिक विद्यालय नगला परसादी कोसीकलां। समस्या तो गंभीर है। बच्चे भी परेशान हैं, लेकिन वह विद्यालय और इलाका हमारी ग्राम पंचायत क्षेत्र में नहीं है। ऐसे में हम कैसे वहां कार्य करें।

सुरेश प्रधान, ग्राम पंचायत नगला परसादी।

Posted By: Jagran

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