संत प्रेमानंद के सेवादारों ने की अभद्रता, बच्चों को तलाशने परिवार पहुंचे थे केलिकुंज
संत प्रेमानंद केलिकुंज आश्रम में अपने बच्चों की तलाश में पहुंचे परिवारों को आश्रम के सेवादारों की अभद्रता का सामना ...और पढ़ें
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अपने शिष्यों के साथ संत प्रेमानंद।
HighLights
प्रेमानंद आश्रम में बच्चों की तलाश में पहुंचे परिवार।
आश्रम के सेवादारों ने परिवारों से की अभद्रता।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की आत्महत्या के बाद से श्रीराधा केलिकुंज आश्रम की गतिविधियों पर भी लोगों का भरोसा उठने लगा है। शनिवार को श्रीराधा केलिकुंज पर चार परिवार ऐसे पहुंचे जिनके बच्चे गुम हो चुके हैं और वे संत प्रेमानंद से प्रभावित थे और घर से संत के दर्शन करने की कहकर ही निकले थे। लेकिन, अब तक घर नहीं पहुंचे।
आश्रम में साधक की मृत्यु के बाद स्वजन के अंदर भय का माहौल है अब राधा केलिकुंज पर पहुंचकर अपने बच्चों की तलाश करने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे ही पीड़ितों ने जब शनिवार की दोपहर अपने बच्चों की तलाश की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू किया तो राधा केलिकुंज से जुड़े कुछ साधक, साधिकाएं व आसपास के दुकानदारों ने उनसे अभद्रता की। पुलिस ने चार युवकों को हिरासत में ले लिया।
परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराधा केलिकुंज पर शनिवार की दोपहर महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर निवासी उज्जवला ताकपिरे अपने 20 वर्षीय बेटे ओम परमेश्वरी ताकपिरे, कासगंज के आवास विकास कालोनी निवासी चंद्रपाल चौहान अपने 16 वर्षीय बेटे मयंक सिंह चौहान, हरियाणा के नजफगढ़ निवासी अनीता सिंह अपने दस वर्षीय बेटे की खोज के लिए केलिकुंज आश्रम पहुंचे।
लेकिन, उनकी सुनवाई न हुई तो वे आश्रम के बाहर प्रदर्शन करने लगे। जब मीडियाकर्मियों ने पीड़ितोंं का पक्ष जानने के लिए बात करना शुरू किया तो खुद को संत प्रेमानंद का शिष्य बताते हुए कुछ महिलाएं व पुरुष मौके पर पहुंचे और अभद्रता शुरू कर दी। पीड़ितों के साथ गाली गलौज कर मीडियाकर्मियों से भी अभद्रता करने से नहीं चूके।
