--केस एक: लेखपाल को हमने करीब पांच महीने पहले दस्तावेज दे दिए थे। चार महीने गुजर गए, लेकिन उनको प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत मिलने वाली धनराशि नहीं मिली। बैंक गए और ब्लॉक पर भी गए। तब उनको पता चला कि उपकृषि निदेशक कार्यालय पर पंजीकरण होगा। अब पंजीकरण हो गया।

--ईश्वर चंद, गांव नरी छाता --केस दो: हमै तौ पटवारी ने पट कर दियौ। अब तक हमकूं प्रधानमंत्री जो किसान के खाते में रुपइया भिजवा रह्यो, वे कबहूं के मिल गए होते। पटवारी सब कागजनकूं लैके घर बैठ गयौ। जबहि पूछी, तबहि कह देतों को दादा चिता मत करौ, सबके खाते में पइसा आ जाइगौ। जब हमारौ नाम ही नाय लिखवायौ तो धूर पैसा आवैगो।

---विजय कुमार, गांव भरतिया योगेश जादौन, मथुरा: विजय कुमार और ईश्वर चंद ही नहीं, तालगढ़ी के मोर मुकुट, जगदीश, अड्डा के प्रहलाद किसान के साथ भी यही हुआ। अभी ऐसे हजारों किसान हैं, जिनको प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना में मिलने वाली धनराशि की पहली किश्त तक नहीं मिल पाई है। लेखपालों को किसानों का पंजीकरण कराने का जो दायित्व दिया गया वह उन्होंने नहीं निभाया। लेखपालों ने किसानों से दस्तावेज ले लिए, लेकिन उनका पंजीकरण नहीं कराया। पंजीकरण न होने के कारण इन किसानों के खातों में किसान सम्मान की धनराशि नहीं पहुंची, जबकि अपने सीधे पंजीकरण कराने वाले किसानों को इसका लाभ मिल गया। उनमें से कुछ को पहली तो कुछ को दूसरी किश्त मिल गई। जब ये किसान भागे तो पता चला कि उनका पंजीकरण नहीं हुआ। --इसी पंजीकरण पर मिलेगा लाभ: पहले किसानों को अलग-अलग योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग पंजीकरण करना पड़ता था। अब सरकार ने इस प्रावधान को खत्म कर दिया है। जिन किसानों के प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत पंजीकृत हो जाएगा, उनको उसी पंजीकरण पर लाभ प्रदान कर दिया जाएगा। उस पंजीकरण पर उसकी मांग दर्ज हो जाएगी। -2.98 लाख कुल किसान

-234500 किसान हुए पंजीकृत

-117566 किसानों को मिली पहली किश्त

-1.13 लाख किसानों को मिली दूसरी किश्त

-63500 किसान अभी पंजीकरण के लिए शेष --पंजीकरण की प्रक्रिया उनके कार्यालय में जारी है। जिन किसानों का पंजीकरण नहीं हुआ है, वह कार्य दिवस में आकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। जल्द ही किसानों को दूसरी और तीसरी किश्त भी मिल जाएगी।

-धुरेंद्र कुमार, उपकृषि निदेशक

Posted By: Jagran

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