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मथुरा: चार सड़कों के चौड़ीकरण पर एनजीटी का ब्रेक, पहले बताना होगा कितने कटेंगे पेड़

By Rakesh Kumar Sharma Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 13 Oct 2026 01:50 PM (IST)

मथुरा में चार महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण की राह में पर्यावरणीय अड़चन आ गई है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने ...और पढ़ें

एनजीटी।

एनजीटी।

जागरण संवाददाता, मथुरा। जिले की चार महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण की राह में पर्यावरणीय अड़चन आ गई है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी (सीएसी) ने इन सड़कों के लिए पेड़ कटान की मंजूरी देने से पहले पीडब्ल्यूडी से पूरा ब्यौरा मांगा है। सोमवार को दिल्ली में हुई सुनवाई में कमेटी ने स्पष्ट किया कि नक्शे पर सड़क की मौजूदा चौड़ाई, प्रस्तावित विस्तार और इसकी जद में आने वाले पेड़ों की संख्या बतानी होगी।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता गुलवीर सिंह ने सुनवाई के दौरान चारों सड़कों से संबंधित रिपोर्ट कमेटी के समक्ष प्रस्तुत की। इनमें प्रांतीय खंड की दो और निर्माण खंड-प्रथम की दो सड़कें शामिल हैं। विभाग को अब विस्तृत ले-आउट प्लान और पेड़ों की गणना के साथ दोबारा रिपोर्ट तैयार करनी होगी। प्रांतीय खंड की दो सड़कों में फरह-सौंख मार्ग और बरसाना-ऊंचागांव-सुनहरा मार्ग शामिल हैं।

फरह-सौंख मार्ग ग्रामीण क्षेत्रों के आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वहीं बरसाना-ऊंजगांव-सुनहरा मार्ग धार्मिक पर्यटन और हरियाणा सीमा से संपर्क की दृष्टि से अहम है। निर्माण खंड-प्रथम की पागल बाबा से यमुना एक्सप्रेसवे सर्विस रोड और चिंताहरण से ब्रह्मांड घाट, मथुरा मार्ग भी प्रस्तावित चौड़ीकरण की सूची में हैं। इन सड़कों के विस्तार से स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

सुनवाई में कमेटी ने सड़क चौड़ीकरण के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर जानकारी मांगी। विभाग को बताना होगा कि वर्तमान में प्रत्येक सड़क कितनी चौड़ी है, प्रस्तावित चौड़ीकरण के बाद इसकी चौड़ाई कितनी होगी और विस्तार के दायरे में कितने पेड़ आएंगे।

इनमें से कितने पेड़ों को काटने की जरूरत पड़ सकती है, इसका विवरण भी नक्शे पर स्पष्ट करना होगा। एक्सईएन ने बताया है कि सभी प्रस्तावित सड़कों के पेड़ कटान की नक्शा आधारित रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।