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मथुरा जवाहरबाग कांड: 10 साल में भी नहीं मिला सम्मान, मुकुल द्विवेदी की पत्नी ने सेवा मेडल और बलिदानी दर्जे की मांग दोहराई

Published: Wed, 03 Jun 2026 08:44 AM (IST)

जवाहरबाग कांड की 10वीं बरसी पर तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी ने सरकार से अपने पति ...और पढ़ें

जवाहर बाग के शहीदों को दी श्रद्धांजलि।

जवाहर बाग के शहीदों को दी श्रद्धांजलि।

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जागरण संवाददाता, मथुरा। जवाहरबाग कांड की 10 वीं बरसी पर मंगलवार को तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उनकी पत्नी अर्चना द्विवेदी पहुंची। उनके साथ उनके दोनों पुत्र कौस्तुभ और आयुष भी थे।

तीनों ने मुकुल द्विवेदी के स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और कुछ देर मौन रहकर बलिदानी को याद किया। बलिदानी की पत्नी ने सरकार से अपने पति के लिए सेवा मेडल की मांग की।

जवाहरबाग की 10 वीं बरसी पर तत्कालीन एसपी सिटी को श्रद्धांजलि देने पहुंचा परिवार

इस अवसर पर अर्चना द्विवेदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि घटना के एक दशक बाद भी उनके पति को आधिकारिक रूप से बलिदानी का दर्जा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि समाज और कानून व्यवस्था की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अधिकारी को अब तक वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक हकदार हैं।

अर्चना द्विवेदी ने कहा कि उनके पति ने कर्तव्य निभाते हुए उपद्रवियों का डटकर सामना किया और वीरगति प्राप्त की। हर वर्ष उनकी बरसी पर नेता और प्रशासनिक अधिकारी श्रद्धांजलि देने आते हैं तथा परिवार को सम्मान दिलाने का आश्वासन भी देते हैं लेकिन आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

बलिदानी की पत्नी ने फिर उठाई मांग, बलिदान को मिले सम्मान

अर्चना द्विवेदी का कहना है कि उनके परिवार को आज भी उस सम्मानजनक निर्णय का इंतजार है, जिसकी उम्मीद उन्हें वर्षों से दिलाई जाती रही है। उन्होंने कहा कि वह अगली बरसी पर किसी को जवाहरबाग आने की सूचना नहीं देंगी। कहा कि यह मेरा और मेरे परिवार का दुख है, जो साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि मुझे यहां प्रदर्शन करने या भीड़ जुटाने का कोई शौक नहीं है। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की अपील की है।

बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि

जवाहरबाग कांड के 10 वर्ष पूर्ण होने पर मंगलवार को जवाहरबाग मॉर्निंग वॉकर्स कम्युनिटी के सदस्यों ने बलिदानी एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी एवं एसओ संतोष यादव के स्मारक पर पुष्पमालाएं अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। लोगों ने बलिदानी अधिकारियों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

पुलिस अधिकारियों का बलिदान समाज और देश के लिए प्रेरणास्रोत

समाजसेवी प्रमोद गर्ग कसेरे ने कहा कि पुलिस अधिकारियों का बलिदान समाज और देश के लिए प्रेरणास्रोत है। ऐसे वीर अधिकारियों की स्मृति सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेगी। वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गौतम ने कहा कि बलिदानियों के त्याग और समर्पण को कभी भुलाया नहीं जा सकता। सतीश अग्रवाल कसेरे, कुंज बिहारी सिंघल, अशोक भारद्वाज, बालकृष्ण बालो, श्याम अग्रवाल, अजय माहेश्वरी, गिरीश वर्मा, उमेश पचौरी, सुशील गोयल, नीरज गोयल, राजू चावल, महेश खंडेलवाल, महेंद्र चौधरी उपस्थित रहे।

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बलिदानी अफसरों को फरह थाने में दी श्रद्धांजलि

फरह। जवाहर बाग में बलिदान हुए पुलिस अफसरों को फरह थाने में श्रद्धांजलि दी गई। थाने पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों ने बलिदानी तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष यादव के चित्रपट पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन धारण किया।

इंस्पेक्टर क्राइम मनोज उज्ज्वल, एसएसआइ महिपाल सिंह, चौकी इंचार्ज परखम किरणपाल सिंह, रैपुराजाट चौकी प्रभारी तेजेंद्र सिंह समेत सभी पुलिस कर्मी मौजूद रहे।