संवाद सूत्र, सुरीर(मथुरा) : यमुना एक्सप्रेस वे पर बुधवार रात दिल्ली से आगरा जा रहा एक व्यक्ति मांट टोल के समीप कैंटीन पर रुकने के दौरान अपने छह वर्षीय बेटे को भूल गया। घर पहुंचने पर बेटे को न देख उसके होश उड़ गए और गुरुवार सुबह तलाश करते हुए मांट टोल पर आ गया। यहां पुलिस ने पूछताछ के बाद बालक को पिता के सिपुर्द कर दिया।

हुआ यूं कि आगरा के गांव रोना गढ़ी निवासी रामनरेश बुधवार रात एक गाड़ी में दिल्ली से अपने छह वर्षीय बेटे रोहित के साथ यमुना एक्सप्रेस वे पर होकर घर जा रहे थे। मांट टोल के समीप कैंटीन पर कुछ देर के लिए गाड़ी रुकी थी। यात्री खाने-पीने के सामान के लिए नीचे उतर आए। रामनरेश भी बेटे के साथ गाड़ी से नीचे आ गए और बेटे को बैठाकर पानी लाने चले गए। गाड़ी चलने लगी तो वह बेटे को कैंटीन पर ही बैठा छोड़ गाड़ी में चढ़ गए। भुलक्कड़ पिता को रास्ते में बेटे का ध्यान नहीं रहा कि उसे वह कैंटीन पर बैठाकर छोड़ आए हैं। काफी देर होने के बाद पिता को न आते देख बालक रोने लगा। कैंटीन कर्मियों ने टोल चौकी पुलिस को सूचना दी। चौकी इंचार्ज प्रबल प्रताप सिंह के पूछने पर बालक ने अपने व पिता का नाम तो बता दिया लेकिन पता नहीं बता सका। पुलिस ने बिछड़े बालक को उसके स्वजन से मिलाने का प्रयास शुरू कर दिया। उधर घर पहुंचने पर बेटे को न देख रामनरेश के होश उड़ गए और वह बेटे की तलाश में वापस लौटे। आगरा में बिजलीघर चौराहे पर गाड़ियों में ढूंढते हुए गुरुवार सुबह मांट टोल चौकी पर आ गए। जहां उन्हें बेटा बैठा मिल गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने बालक को उसके पिता के सिपुर्द कर दिया।

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