वृंदावन में लपकों से रहें सावधान, होटल और धर्मशाला में सुविधाओं के नाम ठगे जा रहे श्रद्धालु
वृंदावन में श्रद्धालुओं को होटल दिलाने के नाम पर परेशान करने वाले हॉकर्स पर पुलिस की सख्ती चार दिन बाद ...और पढ़ें

वृंदावन में इस तरह होटल बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को घेरता हॉकर।
HighLights
वृंदावन में पुलिस की सख्ती के बाद भी हॉकर्स लौटे।
प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं को घेरकर करते हैं परेशान।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। धार्मिक नगरी वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस ने कुछ दिन पहले ही होटल व गेस्ट हाउसों के लिए ग्राहक तलाशने वाले हॉकर्स के खिलाफ अभियान चलाया था।
कार्रवाई के दौरान प्रमुख चौराहों और मार्गों से न सिर्फ इन्हें हटाया गया, बल्कि थाने ले जाकर हवालात की हवा भी खिलाई गई। लेकिन यह सख्ती महज चार दिन ही टिक सकी। आज मायावती तिराहा, सौ फुटा रोड, प्रेम मंदिर और अटल्ला चुंगी समेत नगर के हर प्रमुख मार्ग पर यह हॉकर्स फिर खुलेआम खड़े दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों की मानें तो कि शहर में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते ही यह हॉकर्स उन्हें घेर लेते हैं और विभिन्न होटलों व गेस्ट हाउसों में कमरे दिलाने का प्रस्ताव देते हैं। यहां तक तो ठीक है, हद तो तब होती है जब एक ही ग्राहक को एक से अधिक हॉकर्स घेरकर मोलभाव करने लगते हैं।
वहीं ग्राहक के मना करने पर यह लोग आपस में अथवा ग्राहक से ही लड़ने झगड़ने को तैयार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय-समय पर अभियान चलाकर सख्ती का संदेश तो दिया जाता है, लेकिन निगरानी के अभाव में कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
सवाल यह भी उठ रहा है कि जिन स्थानों से पुलिस ने इन युवकों को हटाया था, वहीं वे दोबारा कैसे कब्जा जमाने में सफल हो गए। जानकारों का कहना है कि जितना अधिक ग्राहक, उतना अधिक कमीशन। इसी वजह से शहर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख चौराहों पर सबसे पहले कब्जा जमाने की होड़ रहती है और यही लड़ाई झगड़े की वजह भी बनती है।
वहीं वृंदावन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार का कहना है कि पुलिस की इन पर नजर रहती है। इन्हें सख्त हिदायत भी दी गई है। फिर भी यदि कहीं इनकी शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
