मथुरा, जासं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को यहां कहा कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी शिक्षा की मजबूती से ही देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। क्षयरोग और कुपोषण के शिकार बच्चों की तरफ भी ध्यान देने की जरूरत है। लोगों को जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे अभियान से जुड़कर मथुरा को भी प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विकल्प खोजना चाहिए।

वह बुधवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान(दुवासू) के 9वें दीक्षा समारोह को संबोधित कर रही थीं। राज्यपाल ने कहा कि प्राइमरी स्कूलों में कहीं पीने के लिए पानी नहीं है, तो कहीं शौचालय नहीं है। एक-एक कक्ष में तीन से चार कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें सिर्फ गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं, जबकि अमीरों के बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ रहे हैं। इसलिए इनको बराबरी पर लाने के लिए हमको ध्यान देना होगा।

मथुरा में क्षय रोग से पीड़ित छह सौ बच्चों को गोद लेने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कुपोषण के शिकार बच्चों की भी मदद करनी होगी। हम छह-सात महीने तक उनको खाने पीने की पौष्टिक खाद्य सामग्री पहुंचाएंगे, तो बड़ा संतोष मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन, जल संरक्षण अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि मथुरा को प्लास्टिक मुक्त करना होगा।

इससे पहले कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि मत्स्य महाविद्यालय के लिए धन आवंटित कर दिया। माधुरी कुंड फार्म की बेहतरी के लिए विवि से प्रस्ताव मांगा है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक डॉ. मंगला राय ने कहा कि कृषि और पशुपालन विकास को इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए निवेश करना होगा। बिल्डिग बनाकर खड़ी कर दिए जाने के कार्य को देश बर्दाश्त नहीं करेगा। दुवासू के पूर्व कुलपति डॉ. श्रीकृष्ण गर्ग ने कहा कि विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा देने की मांग रखी। कुलपति प्रो. जीके सिंह ने विवि की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इससे पूर्व राज्यपाल आनंदीबेन ने विद्या वाचस्पति, स्नातकोत्तर, स्नातक (पशु चिकित्सा संकाय) और स्नातक (बॉयोटैक्नोलॉजी संकाय) के मेधावियों को मेडल और उपाधि प्रदान करते हुए इसको जीवन और कार्य में योग्य साबित करने की दीक्षा दी। संचालन कुलसचिव डॉ. पीके शुक्ला ने किया।

Posted By: Jagran

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