जागरण संवाददाता, मथुरा: जिला प्रशासन ने बुधवार से चांदी इकाइयों की सेंप¨लग कार्रवाई शुरू करा दी। एसडीएम सदर के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने दो दर्जन से ज्यादा चांदी इकाइयों का निरीक्षण किया और उनके जलीय कचरे के नमूने लिए। टीम देखकर कई इकाइयों के संचालक ताला डालकर भाग गए। बाइब्रेटर इकाइयों ने उत्पीड़न और हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया है।

जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने यमुना कार्ययोजना की पिछली बैठक में शहर में चल रही चांदी इकाइयों को बाहर जाने का अल्टीमेटम दिया था। यह कार्रवाई इसी क्रम में समझी जा रही है। गठित टीम एसडीएम (सदर) क्रांति शेखर ¨सह के नेतृत्व में निरीक्षण करने पहुंची। मंडी रामदास, घीया मंडी, कच्ची सड़क और हालन गंज में शाम तक 23 चांदी इकाइयों का मौका मुआयना किया। टीम को मौके पर देखकर कई इकाई संचालक मौके से भाग खड़े हुए।

टीम ने इनका इफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) चेक किया और नमूने लिए। इस बीच कुछ इकाई संचालकों ने एक नमूना सील करके उन्हें भी देने का अनुरोध किया, लेकिन टीम ने उनकी नहीं सुनी। इन इकाई संचालकों का आरोप है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यमुना कार्ययोजना में आदेश किया हुआ है कि सरकारी मशीनरी जब भी सेंप¨लग करेगी, एक सेंपल सील करके उन्हें दिया जाएगा, ताकि सेंपल पर मनमानी रिपोर्ट बनवा लेने की शरारत से बचा जा सके और चांदी इकाइयों का उत्पीड़न न हो। कुछ संचालकों ने यह भी आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक ईटीपी से निकलने वाले जलीय कचरे का नमूना लिया जाना चाहिए, लेकिन टीम ने नालियों से पानी लेकर सील किया है। ऐसा लगता है कि प्रशासन उन्हें जबरन शहर से बेदखल करने की जमीन तैयार कर रहा है।

टीम में क्षेत्राधिकारी (पुलिस) रिफाइनरी विनय चौहान, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डा. अर¨वद कुमार व नगर निगम के जेई (जल) आशीष कुमार यादव समेत बोर्ड के सहायक अभियंता, अवर अभियंता आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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