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श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए बनवाई चांदी की शिला जांच के घेरे में, पुलिस और आयकर विभाग करेंगे पड़ताल

Published: Sun, 25 Oct 2026 09:32 PM (IST)

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़ी चांदी की शिला की प्रामाणिकता और खरीद के स्रोत की जांच अब पुलिस, आयकर और राज्य कर विभाग करेंगे।

फाइल। श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित भगवान श्रीकेशवदेव

फाइल। श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित भगवान श्रीकेशवदेव

HighLights

  1. चांदी की शिला की प्रामाणिकता पर जांच शुरू।

  2. आयकर और राज्य कर विभाग करेंगे वित्तीय पड़ताल।

  3. सिटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस को भी जांच सौंपी।

जागरण संवाददाता, मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए चांदी की शिला के सार्वजनिक प्रदर्शन का मामला अब जांच तक पहुंच गया है। अधिवक्ता मयंक शर्मा की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस, राज्य कर विभाग और आयकर विभाग को जांच के लिए पत्र लिखा है। शिकायत में शिला की प्रामाणिकता, उसकी खरीद में खर्च हुई धनराशि के स्रोत और मंदिर निर्माण के संबंध में दिनेश फलाहारी के अधिकारों की जांच कराने की मांग की गई है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष दिनेश कौशिक उर्फ दिनेश फलाहारी इन दिनों चांदी की शिला का पूजन करा रहे हैं। उनका कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर शाही मस्जिद ईदगाह के स्थान पर जब भी मंदिर का निर्माण होगा, तब इस शिला का उपयोग किया जाएगा। इसी दावे को लेकर अधिवक्ता मयंक शर्मा ने नगर मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र दिया था।

शिकायतकर्ता ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का प्रकरण इलाहाबाद हाई कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में मंदिर निर्माण के लिए शिला रखने और उसका सार्वजनिक प्रदर्शन करने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति को श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान या किसी अधिकृत ट्रस्ट से अनुमति मिली है अथवा नहीं।

प्रार्थना पत्र में कथित चांदी की शिला की शुद्धता, वजन, खरीद के बिल, भुगतान के माध्यम और धनराशि के स्रोत की जांच कराने की मांग की गई है। अधिवक्ता ने वित्तीय लेनदेन की पड़ताल के लिए आयकर और राज्य कर विभाग से जांच कराने का अनुरोध किया है, जबकि मामले के अन्य पहलुओं की जांच पुलिस से कराने की मांग की है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि शिला को लेकर भ्रामक प्रचार से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो सकती हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

अधिवक्ता ने जांच पूरी होने तक शिला के सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग भी की है। सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस के साथ आयकर व राज्य कर विभाग को चांदी की शिला के संबंध में जांच के लिए पत्र लिखा है। अब संबंधित विभागों की जांच के बाद मामले में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।