मथुरा: कागजों की उलझन में फंसी नौनिहालों की यूनिफार्म, 15 हजार खाते अब भी खाली
मथुरा में परिषदीय विद्यालयों के करीब 15 हजार छात्रों के अभिभावकों को अभी तक यूनिफॉर्म, बैग, जूते और मोजे की ...और पढ़ें

मथुरा के स्कूल में कुछ बच्चे बिना यूनिफार्म ही बैठे हैं।
HighLights
आधार कार्ड संबंधी त्रुटियों के कारण हुई देरी।
88% परिषदीय छात्रों को मिल चुकी है सहायता।
जागरण संवाददाता, मथुरा। अक्टूबर माह भी आधा बीच चुका है, लेकिन परिषदीय विद्यालयों के करीब 15 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते यूनिफार्म, बैग, जूते और मोजे की धनराशि का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक करीब 88 प्रतिशत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में ही धनराशि पहुंची है। आधार कार्ड, नाम में गड़बड़ी होने के कारण अभी यह धनराशि रुकी हुई है।
जिले में 1536 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब 1.31 छात्र-छात्रा पंजीकृत हैं। करीब 1.16 लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में धनराशि पहुंच गई है। 15 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में धनराशि नहीं पहुंच सकी है। प्राथमिक विद्यालय औधूता के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सोलंकी ने विद्यालय में 116 छात्र-छात्रा पंजीकृत हैं।
सभी बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि पहुंच गई है। कमला नेहरू द्वितीय नगर क्षेत्र के प्रधानाध्यापक विवेक तिवारी ने बताया कि 64 बच्चे पंजीकृत हैं, 46 अभिभावकों के खाते में धनराशि आ गई है। प्राथमिक विद्यालय गोसना के प्रधानाध्यापक गोवर्धनदास ने बताया कि विद्यालय में 147 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। 140 अभिभावकों के खाते में धनराशि आ गई है।
बीएसए रतन कीर्ति ने बताया कि करीब 88 प्रतिशत से ज्यादा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में धनराशि पहुंच गई है। जिनके खाते में धनराशि नहीं पहुंची हैं, उनमें विभाग की कोई कमी नहीं हैं। आधार कार्ड में नाम गलत होना, खाते आधार कार्ड से लिंक न होना आदि के कारण अभिभावकों के खातों में धनराशि नहीं पहुंची है।
यह है व्यवस्था
परिषदीय स्कूलों के बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये भेजे जाते हैं। दो जोड़ी यूनिफार्म के लिए 600 रुपये, स्वेटर के लिए 200 रुपये, जूते-मोजे के लिए 125 रुपये और स्कूल बैग के लिए 170 रुपये मिलते हैं। इसके अलावा स्टेशनरी में चार कापियां, दो पेंसिल,दो रबर और दो कटर के लिए 105 रुपये दिए जाते हैं।
