मथुरा, जासं। सेहरा सजाने को प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों पर पूरी रात रतजगा हुआ, बंद कमरों में प्रत्याशियों और उनके रणनीतिकारों ने बस्तों का वितरण करने के साथ दूसरे प्रत्याशी के वोटरों में सेंध लगाने की रणनीति बनाई। किसी का जोर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों पर था तो किसी का मलिन बस्तियों पर। बस्ते लेने आए कार्यकर्ताओं को रणनीतिकारों ने चुनावी व्यवस्थाएं समझाईं। बस्तों की सामग्री को लेकर कार्यकर्ताओं में रूठने-मनाने का दौर भी खूब चला। कार्यालयों से बंटने वाले बस्ते ठोक-बजाकर कार्यकर्ताओं को दिए जा रहे थे कि कहीं कार्यकर्ता इन्हें लेकर घर में न जा बैठे। महेश पाठक बंद रहे कमरे में:एटीवी नगर में कांग्रेस प्रत्याशी महेश पाठक का चुनाव कार्यालय है। वह यहां सुबह से कमरे में बंद होकर चुनाव की रणनीति पर सलाह-मशविरा करते नजर आए। गिरधारी लाल पाठक, राकेश तिवारी और संजय एल्पाइन आदि कार्यकर्ताओं को एक-एक कर अंदर कमरे में बुलाकर महेश पाठक से मिलवा रहे थे। कमरे से बाहर आने पर कार्यकर्ता का उत्साह देखने लायक बन रहा था। बाहर एक महिला कार्यकर्ता रुपयों के लेन-देन को लेकर लगे आरोपों गर्मागर्म बहस में जुटी थीं। यहां से बस्ते तो नहीं बंट रहे अलबत्ता बूथ का सारा मैनेजमेंट महेश भाई स्वयं संभालने के साथ-साथ एक-एक कार्यकर्ता से व्यक्तिगत मिलकर चुनावी टोह ले रहे थे। रालोद ने दिन में बांटे बस्ते:स्टेडियम के समीप बने रालोद के चुनाव कार्यालय पर पूर्व मंत्री सरदार सिंह, डॉ. अशोक अग्रवाल, यशपाल सिंह, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर अहमद और ताराचंद गोस्वामी आदि बस्तों को बंटवाने में सहयोग कर रहे थे। नरेंद्र सिंह के नाम से छपे बस्ते में वोटर लिस्ट, पैन, पेंसिल आदि थे। यहां बस्तों को लेकर किसी कार्यकर्ता में उत्साह नजर आया तो कोई अपनी भड़ास निकाल रहा था, रणनीतिकार उन्हें समझाने-बुझाने में व्यस्त थे। महागठबंधन से रालोद प्रत्याशी नरेंद्र सिंह भले ही कार्यालय में मौजूद नहीं थे पर उनके रणनीतिकार पूरी व्यवस्था को बखूबी संभालते रहे। देहात क्षेत्र के बस्ते विधानसभा स्तर पर बने कार्यालयों से बांटे जा रहे हैं। रात में बंटे बस्ते, दिन में निश्चित:भाजपा ने देर रात ही बस्तों को बूथ के अध्यक्षों तक पहुंचा दिया, इसका नतीजा रहा कि बुधवार को कार्यालय पर कार्यकर्ता और पदाधिकारी बस्तों की फिक्र छोड़ अन्य व्यवस्थाओं को अंजाम देने में जुटे थे। यहां महानगर अध्यक्ष चेतन स्वरूप पाराशर, उपाध्यक्ष रवि माहेश्वरी, कार्यालय प्रभारी रविद्र पांडेय, पंकज शर्मा आदि योजनाएं बना रहे थे। बताया कि बस्तों का काम देर रात तक पूरा कर लिया गया है, अब तो केवल मतदान की तैयारी है। यहां दोपहर बाद से कार्यकर्ताओं का आना भी कम होने लगा, कारण उन्हें वापस किया जाने लगा कि अब वह बूथों पर रहकर ही व्यवस्थाएं संभालें।

Posted By: Jagran

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